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10वीं और 2022 से 12वीं के छात्रों को मिलेगा सीबीएसई के इस नियम का फायदा

पटना। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के 10वीं 2020 के बोर्ड परीक्षार्थी को इस बार रिजल्ट में स्किल विषय का फायदा होगा। 10वीं के छात्र अपने मुख्य तीन विषय गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान में से किसी एक में फेल हो जाते हैं तो छात्र छठे विषय (अगर स्किल विषय लिया है तो) से उसे रिप्लेस कर दिया जोगा यानी उन्हें पास कर दिया जाएगा।

बोर्ड की इस सुविधा से 2020 के 10वीं के रिजल्ट पर भी असर होगा। इस बार रिजल्ट में फेल परीक्षार्थियों की संख्या कम होगी। इसका फायदा केवल उन्हीं छात्रों को होगा, जिन्होंने छठे विषय के तौर स्किल विषय लिया होगा। अभी 10वीं में लगभग 100 से अधिक स्किल विषय चल रहे हैं।

ज्ञात हो कि अभी मुख्य विषय में फेल परीक्षार्थी को पास करने के लिए कंपार्टमेंटल परीक्षा देनी होती थी। अब अगर एक विषय में फेल हैं तो उन्हें कंपार्टमेंटल परीक्षा नहीं देनी होगी, बल्कि वे स्किल विषय लेकर पास कर जाएंगे। बोर्ड ने 10वीं में छठे विषय के तौर पर स्किल विषय रखने की सुविधा 2019 में शुरू की थी। 2019 में नौवीं के छात्रों को भी यह सुविधा दी गई।

स्किल विषय लेकर आगे करियर बना सकते हैं छात्र : स्किल विषय के प्रति छात्रों का रूझान हो, इसके लिए यह शुरू किया गया है। इससे छात्र अपनी रुचि भी जान पायेंगे। ऐसे छात्र अपनी रुचि को आगे भी कॅरियर के तौर पर बढ़ा सकते हैं, क्योंकि अब बोर्ड ने 11वीं और 12वीं में भी स्किल विषय को जोड़ दिया है। इंजीनियरिंग, मेडिकल के क्षेत्र में सैकड़ों कॅरियर का विकल्प स्किल विषय को पढ़ने से हो सकेगा।

2022 से 12वीं बोर्ड परीक्षार्थियों को मिलेगा फायदा

12वीं के बोर्ड परीक्षार्थी को भी इसका फायदा अब अगले साल से मिलेगा। सीबीएसई की मानें तो 2022 में 12वीं बोर्ड देने वाले परीक्षार्थी को स्किल विषय से मुख्य विषय को रिप्लेस करने का मौका मिलेगा। सीबीएसई से 2020-21 सत्र के 11वीं के छात्रों को स्किल विषय रखने का अवसर दिया है, जो छात्र स्किल विषय रखेंगे उन्हें बोर्ड परीक्षा में किसी एक विषय में फेल होने पर स्किल विषय से रिप्लेस करने का मौका मिलेगा।

संयम भारद्वाज (परीक्षा नियंत्रक, सीबीएसई) ने कहा, 2020 के 10वीं बोर्ड रिजल्ट में छात्रों का यह फायदा होगा। जिन छात्रों ने छठे विषय के तौर पर स्किल विषय लिया होगा तो उन्हें इसका फायदा होगा। वे अपने मुख्य विषय से उसे रिप्लेस कर पाएंगे। इससे फेल छात्रों की संख्या पर भी सकारात्मक असर होगा।

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