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जेएनयू छात्रावास लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे के खिलाफ छात्रसंघ मुखर

नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से छात्रावास परिसर में लगाए जा रहे सीसीटीवी कैमरे के खिलाफ एक बार फिर छात्रसंघ मुखर हो गया है। छात्रसंघ ने परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की प्रक्रिया को अवैध बताते हुए इसे तत्काल रोकने की मांग की है। साथ ही लगे सीसीटीवी कैमरों को हटाने की भी मांग की है।

छात्रसंघ ने कुलपति को एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा गया है कि छात्रावास परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाना छात्रों की निजता और स्वतंत्रता का हनन है। इस संदर्भ में पहले भी ध्यान दिलाया गया है, जिसके तहत कैमरे लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाते हुए कैमरे नीचे उतारे जाएं।

कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताया

छात्रसंघ ने पत्र में दिल्ली उच्च न्यायालय के 9 अगस्त 2017 के आदेश का संदर्भ देते हुए कहा है कि छात्रावास परिसर में सीसीटीवी कैमरे दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश का उल्लंघन हैं।

छात्रसंघ का कहना है कि इस आदेश में अदालत ने जेएनयू प्रशासन से  कहा था कि मेन गेट और प्रशासनिक भवन को छोड़कर किसी अन्य स्थान पर सीसीटीवी कैमरा लगाना निजता और स्वतंत्रता का हनन होगा। छात्रसंघ ने जेएनयू प्रशासन पर गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के उल्लघंन का भी आरोप लगाया है। छात्रसंघ ने कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन लॉकडाउन के दौरान सीसीटीवी कैमरे लगा रहा है, जो गृहमंत्रालय के निर्देशों का उल्लघंन है।

धमकाने का आरोप :

छात्रसंघ ने कहा है कि सीसीटीवी कैमरे लगाने से रोकने पर छात्रावास के वार्डन छात्रों को धमका रहे हैं। कुछ वार्डन ने छात्रों को एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है। साथ ही कुछ छात्रों को अपमानित कर रहे हैं, जो अनैतिक होने के साथ ही अशोभनीय है।

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