Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

कुलदीप सिंह सेंगर को ‘सुप्रीम’ झटका, कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश किया रद्द

Kuldeep Sengar

kuldeep sengar

उन्नाव दुष्कर्म मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा निर्णय लेते हुए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को मिली राहत पर रोक लगा दी है। शीर्ष अदालत ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसके तहत सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित किया गया था। यह मामला 2017 में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए दुष्कर्म से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था।

हाई कोर्ट का आदेश रद्द

दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व में कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को अंतरिम जमानत देते हुए उसकी सजा को निलंबित करने का आदेश दिया था। इस फैसले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने पहले ही इस आदेश पर अंतरिम रोक लगा दी थी, जिसे अब पूरी तरह रद्द कर दिया गया है। अदालत का यह रुख पीड़ित पक्ष के लिए न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और समय सीमा

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट को निर्देश दिए हैं कि हाई कोर्ट को अब इस मामले पर सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए दोबारा विचार करना होगा।

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि हाई कोर्ट को दो महीने के भीतर इस मामले पर अपना अंतिम फैसला सुनाना होगा। शीर्ष अदालत ने यह भी साफ किया कि हाई कोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान आदेश से प्रभावित हुए बिना, स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से सभी तथ्यों पर विचार करना चाहिए।

मामले की पृष्ठभूमि

कुलदीप सिंह सेंगर (Kuldeep Singh Sengar) को 2017 के इस चर्चित कांड में साल 2019 में दोषी ठहराया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। यह मामला न केवल एक जघन्य अपराध के कारण चर्चा में रहा, बल्कि इसमें शामिल राजनीतिक रसूख और पीड़ित परिवार को मिली धमकियों के कारण भी काफी संवेदनशील बना रहा। फिलहाल, सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा फैसले के बाद कुलदीप सिंह सेंगर की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं।

Exit mobile version