दिपावली पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की उड़ी धज्जियां-करोड़ों रुपए पटाखों में स्वाहा

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लखनऊ। दिपावली के मौके पर पूरे प्रदेश में जमकर पटाखे फोड़े गए, बुधवार की आधी रात तक पटाखे फुटते रहे। देर रात तक पटाखे छोडने वाले कुछ लोगों को फौरी तौर हिरासत में लिया गया लेकिन उसका कोई असर देखने को नहीं मिला। राजधानी लखनऊ में ही खुलेआम सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई गईं।

दिपावली के मौके पर सूर्यास्त के बाद ही पटाखे और फुलझडियां फूटने लगे। इसका असर यह हुआ कि पहले से ही प्रदूषण की मार झेल रही राजधानी लखनऊ और भी प्रदूषित हो गई। लोगों को रात में ही सांस लेने में परेशानी होने लगी। प्रदूषण का असर सुबह भी दिखा, अपने शरीर में जहर भर जाने की आशंका में लोग सुबह टहलने के लिए अपने घरों से नहीं निकले। प्रदूषण का आलम यह था कि धुंध देख गई।

दिपावली पर राजधानी के इंदिरानगर, अलीगंज, गोमतीनगर इलाके में ज्यादे प्रदूषण देखा गया। मौसम विभाग का कहना है कि मौसम में तब्दीली की वजह से भी अगले तीन-चार दिनों तक प्रदूषण का स्तर कम नहीं होगा। राजधानी के कुछ इलाकों में बुधवार की रात वायु गुणवक्ता सूचकांक 800 तक के इंडेक्स पर पहुंच गई। राजधानी के अलावा कानपुर, इलाहाबाद, वाराणसी और नोएडा जैसे बड़े शहरों में प्रदूषण का स्तर काफी खतरनाक स्तर पर पहुंच गया।

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हालांकि सुबह के एयरक्वालिटी इंडेक्स में कुछ सुधार देखा गया उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा एयरक्वालिटी इंडेक्स मुरादाबाद का खराब रहा, यहां का एक्यूआई 412 था जबकि लखनऊ का 384 से लेकर 411 तक एक्यूआई रिकार्ड किया गया। एक हफ्ते पहले लखनऊ में अलीगंज और ट्रंास गोमती में एक्यूआई 290 और 310 के आसपास था। दिवाली के दिन अकेले लखनऊ में ही करोड़ों रुपए के पटाखे जला डाले। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का भी लोगों पर कोई असर नहीं दिखा।

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