• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों को दिये चार अधिकार

Desk by Desk
04/11/2020
in Categorized
0
सुप्रीम कोर्ट Supreme Court

Supreme Court

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

नई दिल्ली| सुप्रीम कोर्ट ने घर खरीदारों को और सशक्त कर दिया है। अब उनके पास बिल्डरों कि धोखाधड़ी से निपटने के चार हथियार है। खास बात यह है कि चारों हथियार एक साथ इस्तेमाल कर सकते हैं। पहला रेरा, दूसरा उपभोक्ता अदालत, तीसरा दिवालिया संहिता और चौथा रिट कोर्ट का क्षेत्राधिकार।

सोमवार को दिए फैसले में जस्टिस यूयू ललित की पीठ ने साफ कर दिया है कि रियल स्टेट रेगुलेशन एक्ट रेरा फ्लैट खरीदार को उपभोक्ता अदालत में जाने से नहीं रोकता। कोर्ट ने बिल्डर बायर एक्ट में लिखी शर्तों को भी नहीं माना और कहा कि उपभोक्ता संरक्षण कानून के प्रावधान रेरा कानून के अनुषंगी हैं, उसमे इस कोई प्रतिबंध नहीं है कि रेरा अनुबंध होने के बाद खरीदार फ्लैट प्राप्त करने के लिए उपभोक्ता अदालत नहीं जा सकता।

जीएसटी कर्ज का स्तर उचित रखने की जरूरत

कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह से दिवालिया संहिता कानून की धारा 7,9 के तहत फ्लैट देने में विफल रहने पर बायर दिवालिया घोषित करने के लिए एनसीएलटी जा सकता है। हालांकि, इस में संशोधन किया गया है। अब इन प्रावधानों का सहारा लेने लिए 100 बायर होने चाहिए या उसका कुल डिफॉल्ट एक करोड़ रुपये होना चाहिए।

केंद्र सरकार द्वारा लोक डॉउन के दौरान किया गए इन संशोधनों को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है और सर्वोच्च अदालत इन प्रावधानो की वैधानिकता की जांच कर रही है। चौथा हथियार रिट कोर्ट है जो बिल्डर को आदेश दे सकता है कि वह बायर को फ्लैट की डिलीवरी दे। अमरोली और यूनिटेक के मामले उस क्षेत्राधिकार के ताजा उदाहरण हैं। सैकड़ों फ्लैट बायरो की तकलीफों को देख कोर्ट ने सख्त कारवाई करते हुए दोनों बिल्डरों को जेल भी भेज दिया था।

Tags: "Rights of Supreme CourtHome Buyershomebuyersघर खरीदारोंसुप्रीम कोर्टहोमबायर्स के अधिकार
Previous Post

आज नहीं हुआ पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव

Next Post

गुजरात के कपड़ा गोदाम में आग के बाद विस्फोट, चार लोगों की मौत

Desk

Desk

Related Posts

forehead
Categorized

माथे के कालेपन को ये नुस्खे कर देंगे गायब

28/06/2026
Vishnu Paudel
Categorized

नेपाल के पूर्व वित्त मंत्री विष्णु पौडेल अदालत में पेश, मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बढ़ सकती है रिमांड

23/06/2026
CM Yogi
Categorized

दिल्ली अग्निकांड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक

03/06/2026
Sawan
Categorized

कब शुरू होगा भगवान शिव का प्रिय महीना? जानिए सावन सोमवार और पूजा का महत्व

02/06/2026
Peanut
Categorized

मूंगफली से बनाएं ये टेस्टी डिश, कभी भी उठाए इसका लुत्फ

21/05/2026
Next Post
प्लास्टिक फैक्टरी में धमाके से चार की मौत Four killed in a blast in a plastic factory

गुजरात के कपड़ा गोदाम में आग के बाद विस्फोट, चार लोगों की मौत

यह भी पढ़ें

भीषण आग

कोटा : चार दुकानों में लगी भीषण आग, लाखों का सामान जलकर खाक

16/09/2020
AK Sharma

मऊ समेत आज पूरा पूर्वांचल विकास की दौड़ में तेजी से दौड़ रहा: एके शर्मा

02/03/2024
Kuldeep Sengar

उन्नाव रेपकांड के आरोपी कुलदीप सेंगर को राहत, दिल्ली हाई कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत

05/12/2024
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version