कठुआ रेप केस: CBI जांच की मांग ख़ारिज, जम्मू से बाहर होगी मामले की सुनवाई

कठुआ
Please Share This News To Other Peoples....

नई दिल्‍ली। जम्मू-कश्मीर के कठुआ में बच्ची के साथ गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश देते हुए इसे राज्य से बाहर पठानकोट ट्रांसफर कर दिया है। साथ ही कोर्ट ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग को भी ठुकरा दिया है। इस मामले में अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कठुआ मुकदमे की सुनवाई अदालत के बंद कमरे में होनी चाहिए। शीर्ष कोर्ट ने कठुआ मामले में किसी देरी से बचने के लिये दैनिक आधार पर फास्ट ट्रैक सुनवाई करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा है कि सुनवाई ऑन कैमरा होनी चाहिए। जिसमें सुनवाई को टाला नहीं जाएगा। कोर्ट के आदेश के मुताबिक मामले का ट्रायल ‘इन-कैमरा’ होगा, और सर्वोच्च न्यायालय ट्रायल की निगरानी करेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक सभी बयानों का अंग्रेज़ी में अनुवाद किया जाएगा, तथा ट्रायल रणबीर पीनल कोड के आधार पर चलेगा। राज्य सरकार को आदेश दिया गया है कि वह गवाहों के बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें पठानकोट ले जाएगी और उनका खर्च वहन करेगी. कोर्ट के आदेश के मुताबिक, आरोपियों के साथ भी वैसा ही व्यवहार किया जाना चाहिए।

पढ़ें:- नमो ऐप: पीएम मोदी का राहुल पर हमला, बोले-निराश लोग देश में पैदा कर रहे हैं निराशा 

कठुआ मामले में सुनवाई राज्य से बाहर होने का विरोध

इस मामले में जम्मू कश्मीर सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के केस की सुनवाई राज्य से बाहर किये जाने का विरोध किया गया है। सरकार की तरफ से कहा गया कि पुलिस ने इस मामले में अच्छा काम किया है और वो पीड़ित को फेयर ट्रायल दिलाएंगे। अगर इस केस को राज्य में ही स्थानांतरित किया जा सकता है। सरकार ने केस को कठुआ की जगह राज्य के दूसरे हिस्से में ट्रांसफर के लिए चार विकल्प दिए, जम्मू, उधमसिंह नगर, रामबन और सांभा। जिसपर एक याचिकाकर्ता ने कहा कि रामबन में अगर मामले का ट्रांसफर किया जाता है तो वो सहमत है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम सेशन जज को कहेंगे कि वो खुद ही मामले की सुनवाई करें।

मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक हो

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक हो साथ ही गवाहों की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए। वहीं याचिकाकर्ता की तरफ से आरोपियों की मांग का विरोध किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि मामले का ट्रांसफर वहीं करेंगे जहां की दूरी स्वीकार योग्य होगी। कठुआ गैंगरेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ि‍ता के जैविक पिता की ट्रायल को कठुआ से जम्मू ट्रांसफर करने की याचिका पर सुनवाई की।

पढ़ें:- बेंगलुरु: मोदी सरकार पर जमकर बरसे मनमोहन सिंह, गिनाई दो सबसे बड़ी गलतियां

सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर सरकार को इस मामले में आदेश दिया है कि वह पीड़ित पक्ष को पठानकोट कोर्ट में सरकारी वकील उपलब्ध कराए। साथ ही पीड़ित परिवार, उनके वकील और गवाहों को सुरक्षा दें। कोर्ट ने कहा कि मामला उसके पास है। कोई और अदालत इस संदर्भ में आदेश पारित नहीं करेगी। मामले में पीड़ित के परिजनों और उसके मामले की पैरवी कर रही वकील की सुरक्षा बरकरार रहेगी। कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच पर भरोसा जताते हुए मामले की सीबीआई जांच से इंकार किया है।

पीठ ने इस मामले में उर्दू में दर्ज बयानों का अंग्रेजी में अनुवाद कराने का भी निर्देश दिया है। शीर्ष अदालत ने यह भी कहा कि इस मुकदमे की सुनवाई जम्मू कश्मीर में लागू रणबीर दंड संहिता के प्रावधानों के अनुरूप की जायेगी। न्यायालय ने कहा कि मुकदमे की सुनवाई आरोपियों और पीड़ित परिवार के लिये पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए।

Related posts:

सेना में भर्ती फर्जीवाड़ा: दोनों नेपाली नागरिकों को 5 दिन की पुलिस रिमांड
हम मार-पीट की राजनीति नहीं करते, सुशील निश्चिन्त होकर करें अपने बेटे की शादी: लालू
UIDAI ने कहा आधार पास ना होने पर भी मिलेंगी जरुरी सुविधाएँ
कांग्रेस का हमला, जिस देश को हमने 70 सालों में बनाया, भाजपा उसे....
सरफराज आलम के पड़ोसियों ने लगाए पाकिस्तान जिन्दाबाद के नारे, हुई गिरफ्तारी
मडिय़ांव में हत्या के मामले में किराएदार ही निकला डॉक्टर का कातिल, गिरफ्तार
CBSE पेपर लीक : प्रकाश जावड़ेकर ने दी सफाई, दोषियों बख्शा नहीं जायेगा
लखनऊ में 14 अप्रैल से चलेगा ग्राम स्वराज अभियान
लापता दलित किशोरी को अगवा कर किया दुराचार, आरोपित गिरफ्तार
मोदी सरकार के चार साल पूरा होने पर चलेगा ‘पोल खोल-हल्ला बोल’ अभियान
BJP सांसद ने अपने ही मंत्री पर लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, खामोश है योगी सरकार
पांच राशियों पर पड़ेगा मंगल के सितारों का बुरा प्रभाव ,जानिये क्या कहता है आपका राशिफल

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *