अयोध्या विवाद मामले मे एक बार फिर टला सुप्रीम कोर्ट का फैसला

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नई दिल्ली। असुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धन ने जस्टिस यूयू ललित पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि वह 1994 में कल्याण सिंह के लिए पेश हुए थे। जिसपर उन्होंने खेद जताया। उनके पक्ष में चीफ जस्टिस ने कहा कि आप खेद क्यों जता रहे हैं, आपने केवल तथ्य सामने रखे थे। वहीं केंद्र सरकार के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि हमें यूयू ललित से कोई समस्या नहीं है।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आज सुनवाई नहीं होगी, बल्कि केवल तारीख और समयसीमा का फैसला होगा।सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धन सबसे पहले अपना पक्ष रखना चाहते हैं।

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असुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धन ने जस्टिस यूयू ललित पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि वह 1994 में कल्याण सिंह के लिए पेश हुए थे। जिसपर उन्होंने खेद जताया। उनके पक्ष में चीफ जस्टिस ने कहा कि आप खेद क्यों जता रहे हैं, आपने केवल तथ्य सामने रखे थे। वहीं केंद्र सरकार के वकील हरीश साल्वे ने कहा कि हमें यूयू ललित से कोई समस्या नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आज सुनवाई नहीं होगी बल्कि केवल तारीख और समयसीमा का फैसला होगा।

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सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील राजीव धन सबसे पहले अपना पक्ष रखना चाहते हैं। चीफ जस्टिस ने कहा कि आज तारीख तय करनी है।जस्टिस ललित पर मुस्लिम पक्षकार द्वारा सवाल उठाने के कारण आज एक बार फिर सुनवाई टाल दी गई है। अब 29 जनवरी को अगली सुनवाई होगी। सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि वह नई बेंच का गठन करेगा। इस बेंच में जस्टिस ललित की जगह किसी और जज को शामिल किया जाएगा। चीफ जस्टिस मे कहा कि राजीव धवन पर सवाल उठाने के बाद जस्टिस यूयू ललित खुद को इस संवैधानिक बेंच से अलग करना चाहते हैं

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सुप्रीम कोर्ट में दस्तावेजों के बंडल पहुंचाए गए हैं। सभी पक्षकार पहुंच गए हैं। जजों का इंतजार हो रहा है। सुनवाई से पहले कोर्टरुम खचाखच भरा हुआ है। थोड़ी देर में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ राम मंदिर के मुद्दे पर सुनवाई शुरू होने वाली थी। ऐसे में पूरे देश की निगाहें इस बात पर अटकी हुई थी। कि कोर्ट इस मामले पर क्या आदेश देती है। राम मंदिर पर संवैधानिक पीठ द्वारा आज सुनवाई होने से पहले सुप्रीम कोर्ट के बाहर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

बता दें कि पिछले चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने 27 सितंबर को दिए फैसले में इसे केवल एक भूमि विवाद माना था। तीन सदस्यीय पीठ ने इसमें कोई संवैधानिक सवाल नहीं होने की बात कहते हुए यह मामला पांच सदस्यीय संविधान पीठ को भेजने से इनकार कर दिया था।

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सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय संविधान पीठ गुरुवार को अयोध्या में 2.77 एकड़ भूमि विवाद की सुनवाई करेगी। गुरुवार को संविधान पीठ आगे होने वाली सुनवाई की रूपरेखा तैयार करेगी। अब तक इस मामले से जुड़ी 14 अपीलों की सुनवाई तीन सदस्यीय पीठ कर रही थी, लेकिन मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने इस मामले की सुनवाई के लिए पांच सदस्यीय संविधान पीठ गठित कर दी है। जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ में जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस एनवी रमण, जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ को शामिल किया गया है।

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