हरिद्वार: निठारी कांड से जुड़े आरोपी सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। वह शहर कोतवाली क्षेत्र के भूपतवाला में रह रहा था और पिछले कुछ दिनों से यहां चाय की दुकान चला रहा था। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को दुकान पर उसका शव फंदे से लटका मिला।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मृतक की पहचान के लिए मिली आईडी की जांच की। SHO कुंदन सिंह राणा के मुताबिक, आईडी पर दर्ज नाम निठारी कांड वाले सुरेंद्र कोली से मेल खाता है।
पुलिस के मुताबिक, कोली ने दुकान में रस्सी का इस्तेमाल कर फांसी लगाई थी। हालांकि उसकी मौत से जुड़े पूरे घटनाक्रम और परिस्थितियों की जांच अभी जारी है।
सुप्रीम कोर्ट से मिल चुकी थी राहत
निठारी कांड से जुड़े आखिरी मामले में भी सुरेंद्र कोली को नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली थी। 11 नवंबर 2025 के फैसले में कोर्ट ने उसकी क्यूरेटिव याचिका स्वीकार करते हुए पिछली सजा के आधार पर सामने आई स्थिति पर पुनर्विचार किया था। कोर्ट ने साक्ष्यों की विश्वसनीयता और कानूनी स्वीकार्यता पर गंभीर सवाल दर्ज किए थे।
सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड में दर्ज है कि निठारी से जुड़े 12 अन्य मामलों में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 2023 में कोली को बरी किया था और जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उन मामलों में राज्य की अपीलें खारिज कर दी थीं।
क्या था निठारी कांड?
नोएडा के निठारी इलाके में 2005-06 के दौरान कई बच्चों और महिलाओं के लापता होने की घटनाएं सामने आई थीं। जांच के दौरान सेक्टर-31 की D-5 कोठी के पीछे से मानव अवशेष और अन्य सामान मिलने के बाद मामला सामने आया।
इसके बाद कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंढेर और घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया। CBI ने मामले की जांच करते हुए कई FIR में चार्जशीट दाखिल की थी। कोली पर हत्या, दुष्कर्म, अपहरण और सबूत मिटाने समेत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे।
