Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

हथियार छोड़े, हुनर को चुना; रैंप पर पूर्व नक्सली महिलाओं ने बिखेरा जलवा

Surrendered Naxalite women walked the ramp.

Surrendered Naxalite women walked the ramp.

रायपुर: राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन और स्वदेशी प्रदर्शनी में आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं का रैंप वॉक आकर्षण का केंद्र रहा। कभी हिंसा के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा सिल्क व हैंडलूम परिधानों को प्रदर्शित किया।

रैंप पर उतरा नया आत्मविश्वास

स्वदेशी फैशन शो में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में रैंप वॉक किया। उनके रैंप पर पहुंचते ही सभागार तालियों से गूंज उठा। इस प्रस्तुति ने मुख्यधारा में लौटने के बाद उनके जीवन में आए बदलाव की तस्वीर पेश की।

कई महिलाओं के लिए रायपुर का यह पहला दौरा था। पहली बार इतने बड़े मंच पर रैंप वॉक का अनुभव उनके लिए खास रहा। उनके चेहरे पर उत्साह और आत्मविश्वास साफ नजर आया।

सीएम साय ने बढ़ाया हौसला

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पित महिलाओं से मुलाकात कर उनका उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौटे लोगों के सम्मान और आत्मनिर्भरता से जोड़कर देखा गया।

कोसा सिल्क से दिखा ‘नया बस्तर’

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोसा सिल्क और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड ‘कोशल फैब’ का शुभारंभ किया।

रैंप पर कोसा सिल्क में नजर आईं आत्मसमर्पित महिलाओं ने हथकरघा की समृद्ध परंपरा के साथ बदलाव की एक नई तस्वीर पेश की। यहां बंदूक की जगह हुनर और हिंसा की जगह आत्मनिर्भरता नजर आई।

Exit mobile version