वाराणसी। काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती महाराज (Swami Narendranand) ने अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) द्वारा जारी किए गए एआई वीडियो पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। स्वामी जी ने साफ कहा कि ये वीडियो मिथ्या, गलत, अनर्गल, असंसदीय और अमर्यादित हैं। ऐसे चित्र जारी कर समाज में भ्रम और भ्रांति पैदा नहीं करनी चाहिए।
स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती ने कहा कि योगी जी धर्मनिष्ठ, कर्मनिष्ठ और श्रद्धाचार्य हैं। उनका जीवन नशामुक्त रहा है। योग चित्तवृत्ति निरोध है। प्रारंभिक काल से उन्होंने शिक्षा ली, चित्तवृत्तियों का निरोध किया और गोरखनाथ की परंपरा के नियम-कायदे-कानून का निर्वाह करते हुए आज भी उसका पालन कर रहे हैं। देश, धर्म, संस्कृति और राजनीति में रहते हुए उन्होंने कुशासन को मिटाकर सुशासन स्थापित किया है। प्रदेश में शांति, अमन-चैन और सद्भाव का वातावरण बना है। इसलिए योगी जी सही हैं।
लेकिन अखिलेश यादव द्वारा कल जारी किए गए ये वीडियो पूरी तरह झूठे हैं। स्वामी जी ने आक्रामक अंदाज में कहा कि चोर, उचक्के, भ्रष्टाचारी, दुराचारी और समाज में अराजकता पैदा करने वाले लोग दुखी हैं। ये लोग अनेक तरह के कुचक्र रच रहे हैं। ये गलत है। इन्हें समाज से माफी मांगनी चाहिए। ऐसे बनावटी कर्तव्य जारी नहीं करने चाहिए, जो सिर्फ अपनी छवि सुधारने के लिए किए जा रहे हैं।
स्वामी जी ने आगे कहा कि अगर चुनाव योगी जी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में होता है तो भाजपा की ही वापसी होगी। योगी जी का सुशासन है, जनता उन्हें पसंद करती है। उत्तर प्रदेश में रहना चाहिए। लेकिन जो लोग चोरी-उचक्की, भ्रष्टाचार और अराजकता फैलाते हैं, वे ही दुखी हैं।
काशी के इस शंकराचार्य का बयान अखिलेश यादव की उस कोशिश पर सीधा प्रहार है, जिसमें वे एआई से बने फर्जी वीडियो जारी कर योगी आदित्यनाथ की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे थे। स्वामी जी ने साफ कर दिया कि संतों की नजर में योगी धर्मनिष्ठ हैं और ऐसे अनर्गल प्रचार से समाज को गुमराह नहीं किया जा सकता।
