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501 साल बाद एकादशी पर बन रहा ये महा संयोग, इस दिन करें ये खास उपाय

Saphala Ekadashi

Devuthani Ekadashi

साल भर में 24 एकादशी के व्रत पड़ते हैं। हर माह में एकादशी के दो व्रत पड़ते हैं। एक एकादशी माह के कृष्ण और दूसरी शुक्ल पक्ष में पड़ती है। एकादशी का व्रत बहुत पावन माना जाता है। ये व्रत जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित किया गया है। पौष मास की कृष्ण पक्ष में सफला एकादशी (Saphala Ekadashi) का व्रत रखा जाता है। इस दिन व्रत के साथ-साथ विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

सफला एकादशी (Saphala Ekadashi) के दिन व्रत और भगवान विष्णु का पूजन करने से उनकी कृपा से सारे काम सफल हो जाते हैं। जीवन में खुशहाली आती है। घर में धन-धान्य का भंडार कभी खाली नहीं होता। इस साल की सफला एकादशी बहुत विशेष मानी जा रही है। ये एकादशी 15 दिसंबर, सोमवार को पड़ रही है। ये सोमवारी एकादशी भी है। इस दिन एक महा संयोग बनने वाला है। ऐसे में इस दिन ये विशेष उपाय अवश्य करें।

सफला एकादशी (Saphala Ekadashi) शुभ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 दिसंबर को रात 08 बजकर 46 मिनट पर शुरू हो जाएगी। वहीं इस तिथि का समापन 15 दिसंबर को रात 10 बजकर 09 मिनट पर होगा। ऐसे में पंचांग को देखते हुए इस साल 15 दिसंबर को सफला एकादशी का व्रत रहेगा।

सफला एकादशी (Saphala Ekadashi) पर कर लें उपाय

सफला एकादशी (Saphala Ekadashi) के दिन एक लाल कपड़ा ले लें। लाल कपड़े के ऊपर एक चुटकी हल्दी डाल दें। फिर लाल कपड़े पर दो लौंग और एक रुपये का सिक्का रख दें। इसके बाद लाल कपड़े की पोटली बनाकर भगवान शिव के मंदिर में रख दें। मान्यता है कि इस उपाय को करने के 24 घंटे बाद चमत्कार होगा। माना जाता है कि इस उपाय को करने से कभी भी घर में धन की तिजोरी खाली नहीं होगी।

सफला एकादशी (Saphala Ekadashi) का महत्व

सफला एकादशी के दिन व्रत और भगवान विष्णु का पूजन करने से काम में आ रहीं सभी बाधाएं दूर होती हैं। सफला एकादशी का व्रत रखने से हजारों सालों की तपस्या के बराबर फल मिलता है। घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है। भगवान विष्णु का आशीर्वाद सदा बना रहता है।

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