लखनऊ: शिक्षक प्रशिक्षण पंजिका में दर्ज होगी गुरूजी की कुंडली

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लखनऊ। अब प्रदेश के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं के प्रशिक्षण का ब्यौरा भी दर्ज किया जायेगा। किस शिक्षक ने किस विषय में कब प्रशिक्षण लिया? इसका पूरा विवरण ‘शिक्षक प्रशिक्षण पंजिका’ पर लिखा होना अनिवार्य होगा। स्कूल में निरीक्षण के दौरान अधिकारी यह जांचंगे कि प्रशिक्षण से वहां के बच्चों को क्या लाभ मिला?

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इस संबंध में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के निदेशक संजय सिन्हा ने प्रदेश के सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश जारी 15 नवंबर तक इसकी रिपोर्ट मांगी है।

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सर्व शिक्षा अभियान के संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान ने बताया कि डायट स्तर पर सेवा से पूर्व और सेवारत शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाता है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में जो शिक्षक पढ़ाते हैं, उन्हें सेवारत प्रशिक्षण के तहत गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, नैतिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य और स्वच्छ्ता जैसे प्रमुख विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन अभी तक स्कूलों में इसका कोई ब्यौरा नहीं रहता है कि किस शिक्षक ने कितनी बार और किन-किन विषयों में प्रशिक्षण लिया है। इस कारण उनके इस प्रशिक्षण का फायदा बच्चों को भी नहीं मिल पाता, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

निरीक्षण के समय जांची जायेगी शिक्षक प्रशिक्षण पंजिका

डॉ. पवन सचान ने बताया कि स्कूलों में निरीक्षण के समय ‘शिक्षक प्रशिक्षण पंजिका’ जांची जायेगी। जिसमें शिक्षक का नाम, प्रशिक्षण का नाम, अवधि, प्रशिक्षण स्थल, प्रशिक्षण से क्या सीखा एवं पासपोर्ट साइज फोटो जांची जायेगी। इसके साथ ही देखा जायेगा कि शिक्षकों के प्रशिक्षण लेने के बाद स्कूल स्तर पर क्या सुधार किये गये। बच्चों के शैक्षिक स्तर व व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ा?

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