टर्म इंश्योरेंस में परिवार की हर महीने इनकम का भी विकल्प, जानें कैसे

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जीवन बीमा योजनाओं में टर्म इंश्योरेंस बेहतरीन विकल्पों में से एक है। इसमें दस हजार रुपये के प्रीमियम पर एक करोड़ रुपये का बीमा 25 साल तक के लिए मिल सकता है। यह एक लचीली योजना है, जिसे आप जब चाहें अपनी मर्जी से चला सकते हैं। यह बीमाधारक की मृत्यु पर परिवार का आर्थिक सहारा बनती है। लेकिन इसमें परिपक्वता पर कोई रकम नहीं मिलती। विशेषज्ञों का कहना है कि 25 से 30 वर्ष की आयु में टर्म इंश्योरेंस लेना बेहतर रहता है, क्योंकि उम्र के साथ प्रीमियम बढ़ता जाता है।

क्लेम के कई विकल्प पॉलिसीबाजार डॉट कॉम के लाइफ इंश्योरेंस क्षेत्र के एसोसिएट निदेशक और क्लस्टर हेड संतोष अग्रवाल का कहना है कि टर्म इंश्योरेंस में एकमुश्त और नियमित अंतराल पर क्लेम (भुगतान) पाने का विकल्प रहता है। हालांकि इसका निर्णय पॉलिसी लेते वक्त ही करना पड़ता है। पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर लाभार्थी या नामिनी को एकमुश्त रकम का विकल्प होता है। नियमित अंतराल पर भुगतान में कई तरीके हैं, जो परिवार की जरूरतों पर निर्भर करता है।

1. मासिक आय
बीमाधारक की मृत्यु पर क्लेम की रकम को बेहतर रिटर्न के साथ बराबर-बराबर की मासिक किस्तों में बदला जा सकता है।
2. बढ़ती किस्त
इसके तहत लाभार्थी को हर माह बढ़ी किस्त के साथ भुगतान होता है। यह बढ़ोतरी महंगाई के हिसाब से दस से बीस फीसदी होती है।
3. एकमुश्त और मासिक आय
मान लें कि क्लेम का एक हिस्सा शुरुआत में और बाकी का मासिक किस्तों में बांटकर दिया जा सकता है। इससे बीमाधारक की मृत्यु के बाद तुरंत की जरूरत भी पूरी होती है।
4. एकमुश्त और बढ़ती किस्त
इसमें क्लेम का एक हिस्सा एकमुश्त मिलता है और बाकी का दस या 20 फीसदी की बढ़ती किस्त के साथ दिया जाता है।

आयकर छूट भी 

1. टर्म इंश्योरेंस पर आयकर कानून की धारा 80सी के तहत प्रीमियम पर 1.5 लाख तक की आयकर छूट ली जा सकती है।
2. बीमाधारक की मृत्यु पर नामिनी को मिली रकम बी धारा 10(10डी) के तहत भी कर मुक्त होती है।

बीमाधारक को कर छूट के दो तरीके
टर्म इंश्योरेंस में बीमाधारक के पास वनटाइम पेमेंट या नियमित अंतराल पर प्रीमियम भुगतान का विकल्प होता है। ध्यान रखें कि अगर आप एकबारगी भुगतान करते हैं तो एक साल में डेढ़ लाख रुपये तक की कर छूट का दावा कर सकते हैं। जबकि सालाना प्रीमियम पर इसकी गणना साल दर साल की जाएगी।  

इन बातों का ध्यान रखें
1. धूम्रपान, शराब या अन्य बीमारी व जीवनशैली से जुड़ी अन्य जानकारियां सही दें
2. कम से कम 50 से 60 वर्ष की आयु तक का बीमा लें, जीवनभर की पॉलिसी भी है
3. बीमारियों के खतरे और जोखिम की पूछताछ पॉलिसी लेने के पहले कर लें
4. पॉलिसीधारक बीमा लेने से पहले मेडिकल टेस्ट करा लें, ताकि क्लेम में विवाद न हो

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