ईद के मौके पर घर जा रहे जवान को आतंकियों ने मार गिराया,शव को पत्थर से कुचला

आतंकवाद
Please Share This News To Other Peoples....

जम्मू। आतंकियों ने दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले मेंअपनी कायरता का एक और उदाहरण देते हुए ईद के मौके में घर जा रहे भारतीय सेना के एक जवान का अपहरण कर हत्या कर दी। जवान को आज सुबह ही अगवा किया था। पुलिस के मुताबिक, आतंकियों ने पहले गोलियां मारी और फिर पत्थरों से सिर कुचल दिया। जवाव के शव को पुलवामा के गुसू से बरामद किया गया है।

बताते चलें कि जवान के अगवा होने की खबर मिलते ही पुलिस ने पूरे इलाके को घेर कर जवान को ढूंढ़ना शुरू कर दिया। साथ ही पुलवामा में अलर्ट घोषित कर दिया गया।

जानकारी के अनुसार भारतीय सेना की 44 राष्ट्रीय राइफल के साथ जम्मू संभाग के पुंछ जिले का रहने वाले औरंगजेब शादीमर्ग में तैनात था। गुरुवार को ईद की छुट्टी लेकर वह अपने घर जाने वाले थे। नौ बजे सुबह वह शादीमर्ग कैंप से बाहर निकलकर टैक्सी से शोपियां के लिए चल पड़े।

इस बीच जैसे ही उनकी गाड़ी कलमपोरा पहुंची तीन चार आतंकी उनके टैक्सी के सामने आ गए और बंदूक की नोक पर उन्हें अपने साथ ले गए। मामले को गंभीरता के साथ लेते हुए सेना के अधिकारियों ने छानबीन शुरू कर दी है।

हिजबुल के आतंकियों पर संदेह

खबरों की मानी जाये तो हिजबुल आतंकियों का जवान के अपहरण के पीछे हाथ हो सकता है। जबकि इस बारे में अभी कोई भी ठोस जानकारी नहीं दी गई है। हिजबुल आतंकियों का गढ़ दक्षिण कश्मीर को ही माना जाता है। पिछले महीने सुरक्षाबलों हुए कई एनकाउंटर में हिजुबल के बड़े कमांडरों को मार गिराया था। जिसके बाद से हीं हिजुबलआग बबूला हुआ है।

जवान मेजर शुक्ला की टीम का हिस्सा था

चर्चा में रहने वाले मेजर शुक्ला की टीम में औरंगजेब भी शामिल थे। जवान की मेजर की टीम में पहचान बहादुर और अटल रहने वाले जवानों में से एक थी। वहीं सूत्रों के अनुसार हिजबुल कमांडर समीर टाइगर के मार गिराने वाले ऑपरेशन में जवान मेजर शुक्ला के साथ ही शामिल था।

यह भी पढ़े: तेजस्वी यादव ने पीएम चेहरे को लेकर दिया चौकाने वाला बयान

पहले भी छु्ट्टी पर आने वाले जवान निशाना बने

पहले भी अपनी कायरता का परिचय देते हुए आतंकियों ने छुट्टी पर आने वाले जवानों को निशाना बनाया है। सन 2017 में आतंकियों ने शोपियां के रहने वाले टेरिटोरियल आर्मी के जवान इरफान अहमद की गोली मार कर हत्या कर दी थी।

रात को उनके घर से ही आतंकियों ने उनका अपहरण किया था। जिसके बाद सुबह उनका शव पुलवामा में मिला था। सीएम ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की थी। इससे पहले मई 2017 में कश्मीर में सेना के लेफ्टिनेंट उमर फयाज की भी आंतकियों ने अगवाह करने के बाद हत्या कर दी थी।

उमर शोपियां अपने कजन की शादी समारोह में भाग लेने आए थे। उमर के लिए उनकी पहली छुट्टी ही जिंदगी की आखिरी छुट्टी बन गई थी। नवोदय विद्यालय में फयाज ने अपनी शिक्षा हासिल की थी। फयाज 129वैं बैच के कडेट थे। 2 राजपूताना रायफल्स में फयाज तैनात थे।

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *