श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते मंगलवार को हुए हमले (Pahalgam Attack) में शामिल संदिग्ध स्थानीय आतंकियों के खिलाफ सेना बड़ा अभियान चल रही है। इसी कड़ी में सेना बड़ी कार्रवाई करते हुए अनंतनाग जिले के बिजबेहरा के त्राल के गोरी इलाके में एक आतंकी के घर को बम से उड़ा दिया, जबकि दूसरे संदिग्ध के घर को बुलडोर से ढाह दिया गया।
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों को तलाशी अभियान के दौरान हमले में शामिल आतंकवादी आसिफ शेख के मोगामा स्थित घर की तलाशी के दौरान एक संदिग्ध बॉक्स मिला। इस बॉक्स से तार बाहर निकले हुए थे। प्रारंभिक जांच में IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) होने का संदेह हुआ। मौके पर पहुंची सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) की इंजीनियरिंग टीम ने बम की पुष्टि की। सेना ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से बॉक्स को स्थल पर ही नष्ट किय, जिससे तेज विस्फोट हुआ।
आसिफ शेख को पहलगाम हमले (Pahalgam Attack) का मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है। इस विस्फोट में कोई हताहत नहीं हुआ है, लेकिन शेख के घर का एक हिस्सा जोरदार धमाके से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। इस धमाके का वीडियो और कुछ तस्वीरें भी सामने आयी हैं। दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने हमले में शामिल स्थानीय आतंकी आदिल शेख के त्राल स्थित घर को भी बुलडोजर से गिरा दिया।
सैन्य सूत्रों के मुताबिक आदिल ने 2018 में अटारी-वाघा बॉर्डर के जरिए वैध तरीके से पाकिस्तान की यात्रा की थी। अपने पाकिस्तान प्रवास के दौरान उसने टेरर कैम्प में ट्रेनिंग पली थी और पिछले साल जम्मू-कश्मीर लौटा था। पहलगाम हमले के कुछ चश्मदीदों ने बताया कि कुछ आतंकी आपस में पश्तून भाषा में बातचीत कर रहे थे। सूत्रों ने इस बात पर जोर दिया कि हमले में शामिल सभी आतंकवादी पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के हैं। हालांकि द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने भी इस हमले की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा का एक मुखौटा आतंकी संगठन है, जिसका इस्तेमाल हमले को एक स्वदेशी समूह के काम के रूप में दिखाने के लिए किया गया।
आतंकवादियों ने हिंदुओं को निशाना बनाया
बताया जा रहा है कि आतंकवादी बैसरन घाटी के घास के मैदान में आए थे, जिसे मैगी पॉइंट या मिनी स्विटजरलैंड के नाम से जाना जाता है। वे बॉडी कैमरा और एके-47 राइफलों से लैस थे। आतंकवादियों ने पर्यटकों से नाम पूछे और हिंदुओं को निशाना बनाया। हमले वाली जगह से बरामद किए गए कारतूसों में बख्तरबंद भेदी गोलियां भी मिली हैं, जिन्हें स्टील बुलेट भी कहा जाता है। सूत्रों ने बताया कि आतंकवादियों ने करीब 15 मिनट तक फायरिंग की और निर्दोष लोगों का कत्लेआम किया।
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सैन्य सूत्रों की मानें तो आतंकी समूह ऐसे हमलों को आमतौर पर छह सदस्यों के साथ अंजाम देते हैं, और यह संभव है कि पहलगाम हलमे (Pahalgam Attack) में एक या दो और आतंकी शामिल हों, जो निगरानी के लिए तैनात हों। सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की तलाश के लिए बड़े पैमाने पर अभियान शुरू किया है। विशेष बलों को भी तैनात किया गया है।