सिगरेट व तम्बाकू पर नई चेतावनी की तस्वीर का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने ख़ारिज की याचिका

सुप्रीम कोर्ट
Please Share This News To Other Peoples....

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने व्यापारियों की उस याचिका को ख़ारिज कर दिया जिसमें सरकार के इस फैसले को चुनौती दी गयी थी जिसमें सरकार ने तंबाकू कंपनियों को सिगरेट और तंबाकू आदि के पैकेट पर जागरूकता की दृष्टि से वैधानिक चेतावनी देने के लिए नई तस्वीर छापने का आदेश दिया था।

ये भी पढ़ें:-राजस्थान कांस्टेबल भर्ती की परीक्षा में महिलायों के काटे कपड़े, लडकों की उतरवाई शर्ट 

क्या है नई तस्वीर

आपको बता दें कि सरकार ने तम्बाकू व्यापारियों को तम्बाकू व सिगरेट के पैकेट पर एक ऐसी  तस्वीर छपने को कहा है जिसमे एक व्यक्ति के गले में छेद दिखाया जाएगा और लिखा होगा कि तंबाकू से गले का कैंसर होता है। इस तस्वीर का व्यापारियों ने विरोध किया और इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।  मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस चंद्रचूड ने कहा कि इस तस्वीर में गलत क्या है। जस्टिस दीपक मिश्र ने कहा की मुंह के कैसर बढ़ते जा रहे है। सरकार नई तस्वीर से सिर्फ जानकारी दे रही है।

1 सितंबर से तंबाकू के सामानों पर छपनी है नई तस्वीर

केंद्र सरकार ने इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की है कि 1 सितंबर 2018 से तंबाकू के सामानों पर चेतावनी के लिए नई तस्वीर छपेगी, जिसमें इसे तंबाकू कंपनियों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है कि ये उनके व्यापार करने के अधिकार का हनन है। इससे पहले कर्नाटक हाईकोर्ट ने सिगरेट और तंबाकू के पैकेटों पर 85 फीसदी हिस्से में वैधानिक चेतावनी देने वाले नियम को रद्द कर दिया था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी।

ये भी पढ़ें:-बसपा ने बनाया आईटी सेल, पार्टी के दिग्गज नेता ने संभाली कमान

कपिल सिब्बल ने केंद्र के पक्ष का किया विरोध

केंद्र ने कहा था कि कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई जाए और उसे रद्द किया जाए। सिगरेट कंपनियों की तरफ से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने केंद्र सरकार के पक्ष का विरोध किया। उन्होंने कहा, ‘85 फ़ीसदी वैधानिक चेतावनी वाला नियम लगाते समय कोई अध्ययन नहीं किया गया था। कपिल सिब्बल ने शीर्ष अदालत में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अगर केंद्र सरकार को लगता है कि  तम्बाकू, सिगरेट स्वास्थ्य के लिए इतना हानिकारक है तो इस पर रोक क्यों नही लगा देती है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने व्यापरियों के पक्ष में दिया फैसला

सरकार बिक्री पर रोक नहीं लगा सकती तो हम वैधानिक चेतावनी को चुनौती दे सकते हैं। 2014 से पहले वैधानिक चेतावनी केवल 40 फीसदी हिस्से पर ही थी। इसी बीच राजस्थान हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई और कोर्ट ने इसे 80 फीसदी करने को कहा। जिस पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने 85 फीसदी कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से संबंधित सभी याचिकाओं को कर्नाटक हाईकोर्ट भेज दिया था और हाईकोर्ट का फैसला हमारे पक्ष में आया।

 

loading...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *