‘टाइटन’ (शनि के चन्द्रमा) का पहला भूवैज्ञानिक मानचित्र नासा के वैज्ञानिको के द्वारा जारी किया गया

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शनि ग्रह के चन्द्रमा टाईटन का भूवैज्ञानिक नक्शा नासा के वैज्ञानिको के द्वारा जारी किया गया है| सौर्य मंडल में हमारा चन्द्रमा सबसे बड़ा है जहां पर तरल झील और कर्बनिक पदार्थ पाये जाते है| हमारे चन्द्रमा के बाद टाईटन दूसरा सबसे बड़ा उपग्रह है, जो शनि की परिक्रमा लगता है | मेथेन और एथेन गैस हाइड्रोकार्बन के बादल की तरह चन्द्रमा में मंडराते रहते है, ये दोनों पदार्थ पृथ्वी में गैस के रूप में पाये जाते है | टाईटन में ये दोनों गैस मौजूदा ठंढे तापमान से द्रव के रूप में मौजूद है|

ये देखते हुए नासा के वैज्ञानिको का कहना है की टाईटन पर भी भविष्य में जीवन की सम्भवना की तलाश हो सकती है | इसमें पाए जाने वाले आर्गेनिक पदार्थ वैज्ञानिको को ऐसा सोचने पर बाध्य करते है | वैज्ञानिको का कहना है की टाईटन में बर्फीली परत के नीचे पानी हो सकता है | जारी किये गए मानचित्र में भी टाईटन पर हाइड्रोकार्बन की दिखाई देता है, ये हाइड्रोकार्बन बिलकुल वैसे ही है जैसा हमारे चन्द्रमा में पाया जाता है\ वैज्ञानिको के अनुसार पृथ्वी के बाद चन्द्रमा, मंगल ग्रह, टाईटन, यूरोपा (जुपिटर गृह का उपग्रह ) इन सभी में जीवन की सम्भवना तलाश की जा सकती है |

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