जदयू कार्यकारिणी के इस फैसले से मोदी सरकार के प्लान को लगा बड़ा झटका

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नई दिल्ली। नीतीश कुमार की दिल्ली में पार्टी के नेताओं के साथ जदयू कार्यकारिणी की बैठक से सियासत में गहमागहमी का महुला बना हुआ है। नीतीश के एनडीए में शामिल रहने या न रहने को लेकर सियासी अटकलें तेज दिखाई पड़ रही हैं। दिल्ली के बिहार भवन में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिनों की बैठक शुरू हो चुकी है। रविवार को इस बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। जिससे मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। दरअसल वन नेशन वन चुनाव को लेकर जदयू की तरफ असहमति जतायी गयी है।

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जदयू कार्यकारिणी की बैठक में ‘वन नेशन वन चुनाव’ को झटका

जानकारी के मुताबिक दिल्ली के बिहार भवन में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिनों की बैठक शुरू हो चुकी है। रविवार को इस बैठक में एक बड़ा फैसला लिया गया है। जिससे मोदी सरकार को बड़ा झटका लगा है। बैठक में फैसला लिया गया है कि लोकसभा और विधानसभा का चुनाव 2019 के बाद कराया जाए। सूत्रों की माने तो केंद्र सरकार आगामी लोकसभा चुनाव  में वन नेशन वन चुनाव के फार्मूले को लागू कर सकती है।

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वन नेशन वन चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की तरफ से रखी गयी ये शर्त

देश में जहां कुछ पार्टियां देश में एक साथ लोकसभा और विधानसभा चुनाव कराने के प्रस्ताव का विरोध कर रही हैं। वहीं समाजवादी पार्टी ने इसका समर्थन किया है। इस मामले में समाजवादी पार्टी के नेता रामगोपाल यादव ने कहा कि वे एक साथ चुनाव कराने के पक्ष में हैं। लेकिन 2019 से यह शुरू हो जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रतिनिधि दल बदल करते हैं या फिर सदस्यों की खरीद-फरोख्त में शामिल होते हैं तो उनके खिलाफ 1 हफ्ते के अंदर कार्रवाई होनी चाहिए।

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