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कोरोना के नए स्ट्रेन पर भी वैक्सीन असरदार, घबराने की जरूरत नहीं : स्वास्थ्य मंत्रालय

हिमाचल के डॉक्टर व उनकी पत्नी संक्रमित

हिमाचल के डॉक्टर व उनकी पत्नी संक्रमित

नई दिल्ली। कोरोना के नए स्ट्रेन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भारत में भी इसकी एंट्री हो गई है। बता दें कि देश में कोरोना वायरस के अब तक नए स्ट्रेन के कुल 6 केस मिले हैं। इस बीच, स्वास्थ्य मंत्रालय ने दावा किया है कि कोरोना की वैक्सीन नए स्ट्रेन पर भी प्रभावी होगी। लोगों को नए स्ट्रेन से घबराने की जरूरत नहीं है।

केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. के विजय राघवन ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने कहा कि वैक्सीन यूके और दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने वाले वेरिएंट के खिलाफ काम करेगी। इस बात के कोई सबूत नहीं हैं कि वर्तमान वैक्सीन इन कोरोना वेरिएंट्स से बचाने में नाकाम रहेंगी।

वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि यूके वेरिएंट की खबर आने से पहले, हमने प्रयोगशालाओं में लगभग 5,000 जीनोम विकसित किए थे। अब हम उस संख्या में काफी वृद्धि करेंगे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद आईसीएमआर के डीजी प्रोफेसर बलराम भार्गव ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम वायरस पर बहुत अधिक इम्यून प्रेशर न डालें। हमें ऐसी थेरेपी का प्रयोग करना होगा जो लाभ देने वाली हैं। यदि फायदा नहीं होता है तो हमें उन उपचारों का उपयोग नहीं करना चाहिए अन्यथा यह वायरस पर प्रेशर डालेगा और यह अधिक म्यूटेट करेगा।

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नीति आयोग के सदस्य डॉ वीके पॉल ने कहा कि नए स्ट्रेन ने कई देशों की यात्रा की है। ऐसे में हमें सावधान रहने की जरूरत है। वायरस के प्रसार को दबाना आसान है, क्योंकि ट्रांसमिशन की चेन छोटी है। उन्होंने कहा कि विदेश से आने वाले 20 में से 1 यात्री का यूके वैरियंट का टेस्ट किया जाएगा।

सरकार की ओर से ये बयान तब आया है जब मंगलवार को ही यूनाइटेड किंगडम से लौटे 6 लोगों में नए स्ट्रेन के लक्षण मिले हैं। इनमें से तीन बेंगलुरु, 2 हैदराबाद और एक पुणे की लैब के जांचे गए सैंपल में नया स्ट्रेन पाया गया है। यूके से लौट रहे लोगों की जीनोम स्किवेंसिंग की गई थी, जिसकी रिपोर्ट मंगलवार को जारी की गई है। जिसमें अलग-अलग लैब में टेस्ट किए गए सेक्शन के बारे में बताया गया।

ये नई चुनौती ऐसे समय में आई है जब भारत में वैक्सीनेशन की तैयारियां जोरों से हो रही हैं। वैसे ब्रिटेन से फैले कोरोना के नए वैरिएंट पर रोकथाम के लिए भारत ने 23 दिसंबर को ही ब्रिटेन की फ्लाइट्स पर रोक लगायी थी, लेकिन 6 मरीजों के मिलने के बाद सरकार सतर्क हो गई है।

कोरोना का ये नया रूप इसलिए चिंता बढ़ा रहा है, क्योंकि ये करीब 70% ज्यादा संक्रामक है और कम आयु वर्ग के लोगों को भी चपेट में ले रहा है, लेकिन राहत की बात ये है कि ये घातक कम है।

‘कोरोना के नए मामलों में लगातार गिरावट’

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि करीब 6 महीने बाद कोरोना के रोजाना नए मामले 17,000 से कम हैं। 6 महीने के बाद दैनिक मौतें का आंकड़ा भी 300 से कम हैं। यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इसके अलावा 60 या उससे अधिक आयु वर्ग में 55 फीसदी मौतें हुई हैं। कोरोना संक्रमण से होने वाली कुल मौतों में 70 फीसदी पुरुष हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने आगे बताया कि भारत में कोविड-19 के कुल 63 फीसदी मामले पुरुषों में सामने आए, जबकि 37 फीसदी महिलाएं संक्रमित हुईं हैं। कोविड-19 से हुई कुल मौतों में से 45 फीसदी मामले 60 साल से कम उम्र वालों के हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि कोविड-19 के अब तक सामने आए 52 फीसदी मामले 18-44 आयुवर्ग के लोगों में मिले।

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