मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते तनाव और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने के कारण देश में ईंधन और एलपीजी की आपूर्ति में लगातार बाधा आ रही है। इस वैश्विक संकट की वजह से कच्चे तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिसका सीधा असर कमर्शियल और छोटे गैस सिलेंडरों के दामों पर देखने को मिल रहा है। मौजूदा वर्ष में कमर्शियल सिलेंडर (Cylinder) की कीमतों में लगातार सातवीं बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चौंकाने वाली बात यह है कि पिछले महज छह महीनों के भीतर ही उन्नीस किलो वाला कमर्शियल गैस सिलेंडर करीब सत्तानवे फीसदी तक महंगा हो चुका है, जो भारतीय बाजार के इतिहास में एक अप्रत्याशित रिकॉर्ड है। अकेले मई के महीने में ही इसमें नौ सौ तिरानवे रुपये की रिकॉर्ड वृद्धि की गई थी, जिसके चलते इसकी कीमतें तीन हजार रुपये के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गई थीं। इस बीच पांच किलो वाले छोटू सिलेंडर के दामों में भी इजाफा किया गया है, लेकिन मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि चौदह दशमलव दो किलो वाले घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
देश की राजधानी दिल्ली सहित विभिन्न महानगरों में एक जून से एलपीजी सिलेंडरों की नई दरें प्रभावी हो गई हैं। अगर बात कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (Cylinder) की करें, तो दिल्ली में उन्नीस किलोग्राम वाले सिलेंडर के दाम में बयालीस रुपये की ताजा बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत बढ़कर इकतीस सौ साढ़े तेरह रुपये हो गई है। वहीं कोलकाता में इसमें तिरेपन रुपये पचास पैसे का इजाफा देखा गया है, जिससे वहां नई कीमतें बत्तीस सौ साढ़े पचपन रुपये प्रति सिलेंडर तक पहुंच गई हैं। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि इन छह महीनों में दिल्ली में कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में कुल पंद्रह सौ तेतीस रुपये यानी लगभग सत्तानवे फीसदी की भारी वृद्धि हो चुकी है, जिससे रेस्तरां, होटल और ढाबा संचालकों की व्यावसायिक लागत काफी बढ़ जाएगी। दूसरी ओर, पांच किलो वाले ‘छोटू सिलेंडर’ (फ्री ट्रेड एलपीजी) के उपभोक्ताओं को भी अब अधिक जेब ढीली करनी होगी; दिल्ली में इसके दाम में ग्यारह रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद इसकी नई कीमत आठ सौ साढ़े इक्कीस रुपये निर्धारित की गई है।
इन बढ़ती कीमतों के बीच आम उपभोक्ताओं और गृहणियों को राहत देते हुए घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों को पूरी तरह स्थिर रखा गया है। समाचार एजेंसी एएनआई के आधिकारिक विवरण के अनुसार, घरेलू एलपीजी धारकों के लिए राहत बरकरार है और देश की राजधानी दिल्ली में घरेलू एलपीजी की कीमत नौ सौ तेरह रुपये पर ही टिकी हुई है। इसी तरह कोलकाता में यह नौ सौ उनतालीस रुपये, मुंबई में नौ सौ साढ़े बारह रुपये और चेन्नई में नौ सौ साढ़े अट्ठाइस रुपये प्रति सिलेंडर पर अपरिवर्तित है। गौरतलब है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में आखिरी बार सात मार्च को बदलाव किया गया था, जब देश भर में इसकी कीमतों में साठ रुपये का इजाफा किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिडिल ईस्ट का तनाव कम नहीं होता और होर्मुज स्ट्रेट के जरिए होने वाली तेल व गैस की सप्लाई सामान्य नहीं होती, तब तक कमर्शियल ईंधन की कीमतों में यह अनिश्चितता और दबाव आगे भी देखने को मिल सकता है।
