49 दिनों तक समुद्र में फसा रहा युवक, ऐसे लड़ी ज़िंदिगी की जंग

समुद्रसमुद्र

नई दिल्ली। कुछ साल पहले आई ऑस्कर अवॉर्ड जीतने वाली फिल्म ‘लाइफ ऑफ पाई’ तो हम सबको याद ही होगी। इस फिल्म की कहानी ऐसे लड़के के जीवन पर आधारित थी, जो एक नाव में समुद्र में फंस जाता है। वह तो फिल्मी की कहानी थी, लेकिन इंडोनेशिया के 19 साल के युवा की कहानी बिलकुल भी फिल्मी नहीं है। ये हकीकत है। आल्दी नोवेल आदिलांग नमक युवक एक दो दिन नहीं बल्कि पूरे 49 दिन तक समुद्र में एक फिशिंग हट पर फंसा रहा। आश्चर्य से भर देने वाली इस सच्ची घटना के हीरो को 49 दिन बाद पनामा फ्लेग वेसल के सुरक्षाकर्मियों ने सही सलामत निकाला।

लैंप को जलने के बाद  वह अपनी ओर मछलियों को आकर्षित करती

बता दें की आल्दी नोवेल इंडोनेशिया के सुलावेसी का रहने वाला है। वह एक मछली पकड़ने वाली नाव पर लैंपकीपर का काम करता है। स्थानीय भाषा में इसको रोमपोंग कहा जाता है। जहां वह काम करता था, वह जगह समुद्र में 125 किमी अंदर है। आल्दी रोमपोंग के लैंप को जलाने का काम करता था। ये लैंप इस तरह से डिजाइन की गई है, जो जलने के बाद मछलियों को अपनी ओर आकर्षित करती है।

ये भी पढे : ओलांद के बयान पर पछता रहा फ्रांस सरकार, भारत से रिश्ते बिगड़ने का दर 

6 साल की उम्र से ये काम कर रहा आल्दी

आल्दी के पिता के अनुसार वह 16 साल की उम्र से ये काम कर रहा है। हर सप्ताह उसकी कंपनी में कोई एक व्यक्ति आता और मछलियों के बदले खाने की सप्लाई पानी और फ्यूल लेकर जाता। यह समुद्र में जिस जगह मछलियां पकड़ते थे, वहां पर कंपनी ने 50 से ज्यादा छोटी फ्लोटिंग हट लगा रखे हैं। इनमें से एक फ्लोटिंग हट आल्दी की भी थी। बता दें की ये सभी हट मानाडो के पानी से मछलियां पकड़ती थीं। वहीं ये बड़ी बड़ी रस्सियों से बंधी हुई रहती थीं।

मछलियां पकड़कर उनसे भर्ता था अपना पेट

मध्य जुलाई में जब तेज हवाएं अपने जोरों पर थी, उसी समय आल्दी की फ्लोटिंग हट समुद्र में बह गई। उस समय उसके पास केवल कुछ ही दिनों के लिए खाना पानी बचा था। इसके बाद उसने मछलियां पकड़कर उनसे अपना पेट भरा। वह उन्हें हट पर मौजूद लकड़ियां जलाकर भूनता और खा लेता। सबसे बड़ी परेशानी उसके लिए पानी की थी, लेकिन उसे भी वह अपने कपड़ों में भर लेता फिर उससे पानी को चूसकर उसे पीता। इस तरह से उसका खारापन कुछ कम हो जाता था।

ये भी पढे : समुद्र किनारे बेकाबू हुए कपल, सरे-आम बनाने लगे शारीरिक संबंध

कई बार कपड़े उड़ाकर शिप को अपनी हट की ओर बुलाने का प्रयास किया

इधर उसे खोजने का काम लगातार चलता रहा था। ओसाका में मौजूद इंडोनेशियाई कांसुलेट के मुताबिक, उसे खोजने के लिए 10 शिप भेजी गयी थी। आखिरकर 49 दिन बाद एक दल को उसे खोजने में सफलता मिल गई और उसे गुआम से खोज लिया गया। जकार्ता पोस्ट के अनुसार, एक इंडोनेशियन डिप्लोमेट फजर फिरदौस ने कहा है कि कई बार आल्दी के पास से ही बड़े शिप गुजरे, लेकिन उसे नहीं देख पाए। कई बार उसने कपड़े उड़ाकर भी शिप को अपनी हट की ओर बुलाने का प्रयास किया।

मां बाप दी हुई सीख आई याद, ऐसे समय में करनी चाहिए प्रार्थना 

एक स्थानीय न्यूज पोर्टल के मुताबिक, आल्दी को जब बहुत दिनों तक कोई सहायता नहीं मिली, तो उसे लगा कि वह नहीं बचेगा। ऐसे में उसे आत्महत्या का भी ख्याल आया। उसने सोचा क्यों न समुद्र में ही छलांग लगा दे। लेकिन ऐसे में उसे अपने मां बाप दी हुई सीख याद आई, जो कहते थे, कि ऐसे समय में प्रार्थना करनी चाहिए।

loading...
Loading...

You may also like

सांतरागाछी स्टेशन के फुटओवर ब्रिज पर भगदड़, 2 की मौत, दो दर्जन से अधिक घायल

हावड़ा। दक्षिण पूर्व रेलवे के अंतर्गत सांतरागाछी स्टेशन