Site icon 24 GhanteOnline | News in Hindi | Latest हिंदी न्यूज़

पूजा में इन चीजों का किया जा सकता है दोबारा उपयोग, जानें नियम

Puja

Puja

हर घर में रोजाना पूजा-पाठ (Puja) किया जाता है। पूजा-पाठ भगवान से जुड़ने का और उनकी कृपा प्राप्त करने का माध्यम है। पूजा-पाठ में जिन भी चीजों का उपयोग किया जाता है, वो बहुत पावन होती हैं। कुछ चीजें तो भगवान को चढ़ाने के बाद भी शुद्ध बनी रहती हैं, जबकि कुछ वस्तुएं ऐसी भी होती है, जिनका उपयोग पूजा में दोबारा नहीं किया जाता। ऐसे में आइए जानते हैं कि पूजा में कौन सी चीज का दोबारा उपयोग किया जा सकता है? साथ ही जानते हैं पूजा (Puja) में दोबारा इस्तेमाल न की जाने वाली चीजों के बारे में।

पूजा (Puja) में इन चीजों का किया जा सकता है दोबारा उपयोग

चांदी, पीतल और ये चीजें

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा में जो चांदी, पीतल या तांबे के पात्र इस्तेमाल किए जाते हैं, उनका दोबारा भी पूजा में उपयोग किया जा सकता है। इसी तरह भगवान की मूर्ति, घंटी, शंख, मंत्र जप की माला और आसन का भी पूजा में बार-बार उपयोग किया जा सकता है। इन वस्तुओं को पूजा के बाद साफ करके सुरक्षित रख देना चाहिए।

तुलसी

तुलसी हिंदू धर्म में बहुत महत्वपूर्ण मानी गई है। माता मानकर तुलसी की पूजा की जाती है। इतना ही नहीं तुलसी की पत्तियों का उपयोग भी पूजा में किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, तुलसी कभी भी अपवित्र या अशुद्ध नहीं होती। इसलिए अगर किसी वजह से नई तुलसी उपलब्ध न हो, तो पहले चढ़ाई गई तुलसी को दोबारा पूजा के समय भगवान को चढ़ा सकते हैं।

बेलपत्र

भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। शिवपुराण में बताया गया है कि बेलपत्र 06 माह तक बासी नहीं होते। शिवलिंग पर बेलपत्र अर्पित करने के बाद भी उसका उपयोग दोबारा किया जा सकता है। बेलपत्र का उपयोग करते समय बस इस बाद का ध्यान रखना चाहिए कि बेल पत्र खंडित, कटा-फटा या दाग लगा न हो।

इन चीजों (Puja) का पूजा में दोबारा न करें उपयोग

वहीं भगवान को चढ़ाया गया भोग, जल, फूल और माला, चंदन और कुमकुम, धूप और दीप, नारियल और अक्षत, जलते दीपक में बचा हुआ तेल या घी का इस्तेमाल पूजा में दोबारा नहीं किया जाना चाहिए। मान्यताओं के अनुसार, इन चीजों का उपयोग एक बार पूजा में हो जाता है, तो ये फिर शुद्ध नहीं रह जाती हैं। इन चीजों को पूजा में दोबारा उपयोग करने से उसका पूरा फल नहीं मिलता।

Exit mobile version