ये हो सकते थे भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के उत्तराधिकारी

भारत रत्न अटलभारत रत्न अटल

लखनऊ । फर्रुखाबाद जनपद की राजनीति से जिस तरह पूर्व मंत्री स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी एक चमकते हुये सितारे बने। क्योंकि स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी को भारत रत्न अटल वाजपेयी जी उन्हें अपना उत्तराधिकारी मानते थे। अपने राजनैतिक जीवन के शिखर पर होने के बाद भी वह अकेले आठ बार केबल स्वर्गीय ब्रह्मदत्त के घर सुख व दु:ख की घड़ी में पंहुचे। जिले की धरती आज भी उस यशस्वी राजनीति के अटल को याद करती है। फर्रुखाबाद को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजेपयी जी अपना घर जैसा ही समझते थे।

ब्रह्मदत्त द्विवेदी से  भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी का घरेलू नाता

क्योंकि जिले में उनका राजनैतिक उत्तराधिकारी रहता था। वह स्वर्गीय द्विवेदी को अपने पुत्र से कम किसी मायने में नही समझते थे। इतिहास पर नजर डाले तो वर्ष 1980 को स्वर्गीय द्विवेदी एमएलए का चुनाव लड़े थे। जिसके चुनाव प्रचार के लिये पूर्व प्रधानमंत्री फर्रुखाबाद की धरती पर आये थे। उन्होंने स्वर्गीय द्विवेदी के पक्ष में समा बाँधा था। चुनाव के 12 वर्ष बाद मेजर सुनील दत्त का विवाह अनीता द्विवेदी से हुआ और वह वर-वधु को आशीर्वाद देने पंहुचे। मेजर के विवाह के ठीक एक वर्ष बाद उन्हें पुत्री की प्राप्ति हुई। जिसके बाद वर्ष 1993 को मेजर की नवजात पुत्री के नामकरण संस्कार में भी अटल बिहारी जी आये। उन्होंने उनकी नवजात पुत्री को श्रेया नाम दिया था। उसी वर्ष मेजर सदर विधायक मेजर सुनील दत्त के भाई प्रभु दत्त द्विवेदी का विवाह तय हुआ तो पूर्व प्रधानमंत्री पुनरू द्विवेदी परिवार की खुशियों में शामिल होने पंहुचे।

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वही द्विवेदी परिवार की खुशियों पर दु:ख के पहाड़ टूट पड़े। जब पूर्व मंत्री स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी की लोहाई रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गयी। उनकी मौत की खबर सुनते ही अटल बिहारी वाजेपयी 22 फरवरी 1997 को परिवार को सांत्वना देने पंहुचे थे। नबम्वर 1999 को लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री ने स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी की पुस्तक जब हम ना होंगे का विमोचन किया था। जिसका खुद सम्पादन पीएम के पद पर रहते हुये पूर्व प्रधानमंत्री ने किया था। जबकि संकलन मेजर सुनील दत्त का था। अंतिम बार युग पुरुष अटल बिहारी वाजपेयी 10 फरवरी 2005 पुनरू स्वर्गीय ब्रह्मदत्त द्विवेदी की पुण्य तिथि पर नगर फर्रुखाबाद में पंहुचे थे। आज राजनीति के महासूर्य का अस्त होने की खबर सुनकर लोगों के जगह में उनसे पुरानी मुलाकातों की यादें ताजा हो गयी है।ह्य सोशल मीडिया पर उनके शोक संदेश भी तेज हो गये है। विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने बताया की वह दिल्ली एम्स पंहुच रहे है। उनके परिवार से अटल जी के पारिवारिक रिश्ते थे। वह लगभग हर महीने दिल्ली पूर्व पीएम की सेहत का हाल जानने जाते थे।

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