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गोरखपुर विश्वविद्यालय में नहीं कराई जाएगी इस वर्ष संयुक्त स्नातक प्रवेश परीक्षा

गोरखपुर। स्नातक में प्रवेश लेने जा रहे छात्रों के लिए बड़ी खबर है। महविद्यालय में छात्र सीधे प्रवेश ले सकेंगे। गोरखपुर विश्वविद्यालय इस वर्ष संयुक्त स्नातक प्रवेश परीक्षा नहीं कराएगा। यह फैसला मंगलवार को विश्वविद्यालय के प्रवेश समिति की बैठक में किया गया। सिर्फ विश्वविद्यालय में प्रवेश के लिए छात्रों को परीक्षा देना होगा। इसके लिए विश्वविद्यालय ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का आयोजन करेगा।

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रवेश समिति की बैठक मंगलवार को कुलपति प्रो. विजय कृष्ण की अध्यक्षता में हुई। बैठक में प्रवेश परीक्षा समिति ने गहन विचार विमर्श किया। विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी प्रो. अजय शुक्ला ने बताया कि बैठक में कोरोना संक्रमण के कारण बदले हालात पर चर्चा की गई। इसमें समिति के सदस्यों ने कई अहम निर्णय लिए। समिति ने निर्णय लिया कि सत्र 2020-21 के लिए  स्नातक संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी। केवल विश्वविद्यालय कैंपस में प्रवेश लेने के लिए स्नातक एवं परास्नातक की प्रवेश परीक्षा आयोजित होगी। जून के प्रथम सप्ताह से प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया प्रारम्भ होगी। इसे सोशल डिस्टेंसिंग पालन करते हुए ऑफलाइन प्रणाली से परीक्षा आयोजित की जाएगी।

उन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह यह निर्णय लिया गया है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा में होने वाली भीड़ के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने में असुविधा होती। उन्होंने बताया कि पहले पीजी की प्रवेश परीक्षा ऑनलाइन हो चुकी है। इस वर्ष भी स्नातक प्रवेश परीक्षा के साथ पीजी के कुछ विषयों की ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा होनी थी। बैठक में अधिष्ठाता विज्ञान संकाय प्रो. ओपी पाण्डेय, शिक्षा संकाय अधिष्ठाता प्रो. एनपी भोक्ता, कला संकाय अधिष्ठाता प्रो. डीएन यादव, वाणिज्य संकाय अधिष्ठाता प्रो. अवधेश तिवारी, विधि संकायाध्यक्ष प्रो. चंद्रशेखर, कुलसचिव डॉ. ओमप्रकाश, प्रो. विजय कुमार, मुख्य नियन्ता प्रो. प्रदीप यादव, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अमरेंद्र सिंह और लेखाधिकारी पीएन सिंह उपस्थित रहे।

महाविद्यालय अपने स्तर से लेंगे प्रवेश

विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रवेश परीक्षा के जरिए ही महाविद्यालय में प्रवेश होता है। प्रवेश परीक्षा की मेरिट के आधार पर छात्र प्रवेश पाते थे। प्रवेश परीक्षा समिति ने महाविद्यालय प्रबंधन को प्रवेश का अधिकार दे दिया है। जिसके बाद विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय अपने स्तर से नए सत्र में प्रवेश लेंगे।

कम होगा परीक्षा शुल्क

विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऑफलाइन प्रवेश परीक्षा का शुल्क भी रियायती हो सकता है। बैठक में इसको लेकर चर्चा हुई। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया कि अधिकांश छात्र ग्रामीण और कमजोर आर्थिक परिस्थिति से जुड़े हैं। ऐसे में प्रवेश परीक्षा शुल्क को कम कर दिया जाए। प्रवेश परीक्षा शुल्क कम करने के लिए प्रस्ताव वित्त समिति को भेज दिया गया।

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