लविवि को तीन हफ्ते का अल्टीमेटम, दुराग्रह छोड़ कुलपति अपने फैसले पर करें पुनर्विचार

कुलपति
Please Share This News To Other Peoples....

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी सिंह पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही कहा कि एक विचारधारा से प्रेरित होकर परिसर का माहौल खराब कर रहे हैं।

लविवि में छात्रों के जनतांत्रिक अधिकारों को तुरंत बहाल किया जाए

लविवि के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व कम्युनिस्ट पार्टी वरिष्ठ के नेता अतुल कुमार अंजान के कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अपने फैसले पर पुनर्विचार करे। विवि में छात्रों के जनतांत्रिक अधिकारों को बहाल किया जाए। इसके अलावा झूठे मुकदमों में फंसाए गए छात्रों को तुरन्त रिहाकर सभी निष्कासित 21 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाए। अन्यथा लविवि छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी तीन हफ्ते बाद कुलाधिपति रामनाईक, विवि के कुलपति प्रो. एसपी सिंह को ज्ञापन सौंपेगे।

ये भी पढ़ें :-लखनऊ विवि में बैन हुआ धरना-प्रदर्शन, छात्र बोले, अघोषित इमरजेंसी

लविवि के इतिहास में मुख्यमंत्री को कई बार दिखाए जा चुके हैं काले झंडे

अन्जान ने कहा कि विवि के इतिहास में मुख्यमंत्री को कई बार काले झंडे दिखाए जा चुके हैं। ये करना छात्रों का जनतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उसके बाद उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना उचित नहीं है। अंजान ने कहा कि इसके बाद भी यदि कोई कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रसंघ के पूर्व पदाधिकारी, प्रबुद्धजनों से मिलकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके अलावा नुक्कड सभाकर जनता के दरबार में जाएंगे।

राज्यपाल कुलाधिपति होने के नाते लविवि की घटनाओं पर मूकदर्शक नहीं बने रह सकते

पूर्व छात्रनेताओं ने संयुक्तरूप से कहा कि विवि की गरिमा को बचाने की जिम्मेदारी कुलपति, विवि प्रशासन, शिक्षक व सभी छात्रों की है। राज्य के राज्यपाल कुलाधिपति होने के नाते लविवि की घटनाओं पर मूकदर्शक नहीं बने रह सकते। जरूरत इस बात की है कि वह कुलपति, राज्य सरकार, प्रशासन, छात्रों व कर्मचारियों के बीच संवाद स्थापित करवाने की पहल करनी चाहिए। जिससे कि विवि की गरिमा को पुन एक बार फिर स्थापित की जा सके।

ये भी पढ़ें :-लखनऊ विश्वविद्यालय बवाल : उच्च न्यायालय ने एसएसपी और डीजीपी को लगाई फटकार 

हिंसा या किसी अन्य प्रकार के अनादर व जनवादी प्रतिरोध की शक्ति को करता है कम

छात्रों को नसीहत देते हुए पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों ने कहा कि छात्रों को अपने अधिकारों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से ही संघर्ष और अपनी आवाज उठाना चाहिए। हिंसा या किसी अन्य प्रकार के अनादर व जनवादी प्रतिरोध की शक्ति को कम करता है।

ये भी पढ़ें :-लखनऊ यूनिवर्सिटी : कैंपस में पूर्व छात्रों की गुंडई, प्रॉक्टर से लेकर डीन तक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा 

यह किसी पार्टी विशेष का नहीं , बल्कि पूर्व छात्रसंघ पदाधिकरियों कार्यक्रम

इस मौके पर मौजूद पदाधिकरियों ने कहा कि यह किसी पार्टी विशेष का नहीं , बल्कि पूर्व छात्रसंघ पदाधिकरियों कार्यक्रम है। इस अवसर  पर लविवि के पूर्व अध्यक्ष व पूर्वमंत्री अरविंद सिंह गोप, पूर्व अध्यक्ष व एमएलसी डॉ. राज्यपाल कश्यप, पूर्व महामंत्री अनिल सिंह वीरू, पूर्व अध्यक्ष अरविंद कुमार सिंह, पूर्व अध्यक्ष कुंवर रामवीर सिंह, पूर्व अध्यक्ष सत्यदेव त्रिपाठी, पूर्व अध्यक्ष व पूर्वमंत्री रविदास मेहरोत्रा, पूर्व कला प्रतिनिधि प्रो. रमेश दीक्षित इसके अलावा प्रमोद तिवारी, मनोज तिवारी, सरोज तिवारी व राजेश कुमार यादव सहित कई पूर्व पदाधिकारी व छात्रनेता मौजूद थे।

Related posts:

कांग्रेस का बिगड़ा खेल, हार्दिक पटेल के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
लखनऊ: सेंट मेरी अस्पताल की लापरवाही के चलते मरीज की गयी जान
अटेवा ने सोनिया और राहुल का जताया आभार
#मुंबई जिग्नेश मेवानी और उमर खालिद के खिलाफ एफआईआर दर्ज
कठुआ-उन्नाव गैंगरेप बोली हेमा मालिनी, इन घटनाओं की हो रही है ज्यादा पब्लिसिटी
चलती बाइक जलकर हुई राख
सड़क सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम सीएम योगी बोले- पाठ्यक्रम का हिस्सा बनेंगे यातायात के नियम
सबसे महत्त्वपूर्ण शख्स के शादी में पहुंचने पर सस्पेंस, अधूरी होंगी तेजप्रताप के परिवार की खुशियां
मारपीट में मजदूर की हुई मौत,परिवार ने मचाया हंगामा
सीसीएल प्रबंधन कर रहा है उत्पीड़न, ग्रामीणों ने लिखा झारखंड के मुख्यमंत्री को पत्र
जम्मू-कश्मीर में एनएन वोहरा राज शुरू, राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
रिहा होंगे तंदूर व जेसिकालाल हत्याकांड के खूंखार अपराधी समेत 155 कैदी, रिव्यू बोर्ड भेजी जाएगी सूची

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *