लखनऊ: लुटेरे भाइयों ने गैंग बनाकर दर्जन भर वारदात को दिया अंजाम

लुटेरे
Please Share This News To Other Peoples....

लखनऊ। बड़े भाई को लूट की कमाई से ऐशोआराम करते देख छोटा भाई की उसके नक्शेकदम पर चल पड़ा। लुटेरे भाइयों ने गैंग बनाकर राहगीरों को लूटने की ट्रेनिंग ली। दो किशोरों के साथ गैंग बना दर्जन भर से अधिक वारदातों को अंजाम दिया। पर, मंगलवार को यह गैंग बाजारखाला पुलिस की गिर त में आ गया। सरगना शुभम सिंह व दो किशोरों के पास से लूटे गए मोबाइल फोन व चेन बरामद हुई।

लुटेरे भाई राहगीरों को बनाते थे निशाना

इंस्पेक्टर बाजारखाला सुजीत दुबे ने बताया कि मंगलवार रात भूसामण्डी तिराहे के पास चेकिंग की जा रही थी। उसी दरमियान मवैया की तरफ से बाइक सवार तीन लोग आते नजर आए। उन्हें चेकिंग के लिए रोका गया। पर, वह भागने लगे। सिपाहियों की मदद से उन्हें पकड़ा गया। बाजारखाला अनुपम नगर निवासी शुभम सिंह के पास से तमंचा, कारतूस व मोबाइल फोन बरामद हुए। वहीं, किशोरों के पास से भी लूटे गए मोबाइल फोन मिले। इंस्पेक्टर ने बताया कि शुभम सिंह ने बाजारखाला स्थित हरी बिल्डिंग के पास बीएसएनएल कर्मी सुबोध मिश्र की पत्नी सुधा मिश्रा से चेन लूट की वारदात की थी। इसी तरह हैदरगंज चौराहे के पास निकिता सैनी से मोबाइल लूट को अंजाम दिया था।

बड़े भाई ने दी लूट की ट्रेनिंग 

सीओ बाजारखाला अनिल यादव ने बताया कि शुभम सिंह का बड़ा भाई राजेश उर्फ राजू भी लूट के आरोप में जेल में बंद है। शुभम ने पुलिस को बताया कि उसका बड़ा भाई लूट से मिले रुपए से महंगे कपड़े, मोबाइल व होटलों में खाना खाता था। उसने बताया कि राजेश के ठाठ देख उसे भी चस्का लग गया। इस पर लुटेरे राजेश से लूट करने का तरीका सीखा। फिर किशोरों को अपने साथ शामिल कर वारदात करने लगा।

ये भी पढ़ें: कर्नाटक की सरकार: येदियुरप्पा ने ली सीएम पद की शपथ, कांग्रेस के पास एक ही उम्मीद 

कौड़ी के दाम पर बेचते थे स्मार्टफोन 

लुटेरे शुभम सिंह व उसके साथी मुख्य रूप से मोबाइल फोन लूटते थे। इसमें भी 25 से 30 हजार के बीच कीमत के फोन पर इन लोगों की नजर रहती थी। इंस्पेक्टर सुजीत दुबे ने बताया कि शुभम एक दुकान पर लूटे गए मोबाइल फोन ढाई से तीन हजार के बीच में बेचता था। उन्होंने बताया कि मोबाइल खरीदने वाले दुकानदार की पहचान कर उसकी तलाश की जा रही है।

महिलाओं को बनाते थे निशाना

एएसपी पश्चिम विकास चन्द्र त्रिपाठी ने बताया कि शुभम के निशाने पर महिलाएं ही होती थी। क्योंकि उनसे पर्स या मोबाइल लूटने में विरोध होने की संभावना काफी कम रहती थी। यह गुण शुभम को उसके बड़े भाई राजेश ने दिया था।

Related posts:

गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका ख़ारिज
लखनऊ: पुलिस के हत्थे चढ़ा ईनामी बदमाश सुफियान, 12 बोर का कट्टा और कारतूस बरामद
ओडिशा के तट पर बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफल परीक्षण
सपा नेता नरेश अग्रवाल के बयान पर बवाल, पीएम मोदी को कहा....... #%$@*#.....!!
अरुणाचल प्रदेश से ऐसा प्रकाश फैलेगा की पूरा देश देखता ही रह जाएगा : मोदी
सहकारी संघ धनवारा मोहनलालगंज प्रबन्ध कमेटी का निर्विरोध निर्वाचन
मॉरीशस जायेंगे शिवपाल, प्रधानमंत्री जुगनॉथ व नेता प्रतिपक्ष से करेंगे मुलाकात
झारखंड व बिहार पुलिस को बड़ी सफ़लता, जेजेएमपी का सरगना अरविंद राम गिरफ़्तार
काली मिर्च से लड़ा ट्रक एसएसबी ने पकड़ा, 30 कुंतल के साथ 3 गिरफ्तार
हनुमान जयंती और पूर्णिमा एक साथ, नौ साल बाद बना दुर्लभ संयोग
लुटेरी दुल्हन को पुलिस ने किया गिरफ्तार, ऐसे बनाती थी युवकों को शिकार
1001 कन्याओं के सामूहिक विवाह में शामिल हुए सीएम योगी, जोड़ों को उपहार में मिले खाली डिब्बे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *