• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

मौनी अमावस्या पर बन रहा गुरुवार और गजकेसरी योग, ऐसे करें पूजा पूरी होंगी मनोकामनाएं

Writer D by Writer D
11/02/2021
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

माघ महीने की मौनी अमावस्या को धर्म-कर्म के लिए खास माना गया है। इस बार मौनी अमावस्या 11 फरवरी, गुरुवार को है। इस बार मौनी अमावस्या पर सालों बाद एक खास संयोग बन रहा है। इससे पहले साल 2014 में यह संयोग बना था। वहीं गजकेसरी योग भी माघ मौनी अमावस्या के महत्व को और भी बढ़ा रह है।

ये है शुभ संयोग

बता दें गजकेसरी योग का अर्थ है गज यानी हाथी और केसरी यानी सोना अर्थात अत्याधिक मात्रा में धन-दौलत देने वाला योग। इस प्रकार शुभ दिन और अच्छे योग में होने के कारण यह अमावस्या बहुत ही शुभ फल देने वाली है। इस अमावस्या पर मौन व्रत भी रखा जाता है। वहीं गुरुवार को माघ महीने की अमावस्या का संयोग 7 साल बाद बन रहा है। इससे पहले 30 जनवरी 2014 को गुरुवार को मौनी अमावस्या का योग बन रहा था। अब ऐसा शुभ संयोग अगले 10 साल बाद यानी 23 जनवरी 2031 को बनेगा। जब गुरुवार को मौनी अमावस्या पर्व रहेगा।

माघ अमावस्या पर स्नान, दान और व्रत

इस दिन सुबह जल्दी उठकर तीर्थ या पवित्र नदी में नहाने की परंपरा है।

ऐसा न हो सके तो पानी में गंगाजल मिलाकर नहाना चाहिए।

माघ महीने की अमावस्या पर पितरों के लिए तर्पण करने का खास महत्व है। इसलिए पवित्र नदी या कुंड में स्नान कर के सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है और उसके बाद पितरों का तर्पण होता है।

मौनी अमावस्या पर सुबह जल्दी तांबे के बर्तन में पानी, लाल चंदन और लाल रंग के फूल डालकर सूर्य देव को अर्घ्य देना चाहिए।

इसके बाद पीपल के पेड़ और तुलसी की पूजा करने के बाद परिक्रमा करनी चाहिए।

इस दिन पितरों की शांति के लिए उपवास रखें और जरूरमंद लोगों को तिल, ऊनी कपड़े और जूते-चप्पल का दान करना चाहिए।

Tags: gajkesari yogmauni amavasya 2021mauni amavasya daanmauni amavasya kab haimauni amavasya pujamauni amavasya shubh yog
Previous Post

कक्षा 9 की छात्रा ने लगाई फांसी लगाकर की आत्महत्या, छानबीन में जुटी पुलिस

Next Post

किसान आंदोलन की पवित्रता पर सवाल

Writer D

Writer D

Related Posts

Hanuman
Main Slider

मंगलवार को हनुमान जी को अर्पित करें ये चीजें, दूर हो जाएंगे जीवन के सभी कष्ट

21/07/2026
Budh Dev
Main Slider

24 जुलाई से बुधदेव चलेंगे सीधी चाल, अटके हुए काम अब पकड़ेंगे रफ्तार

21/07/2026
Plants
धर्म

इस तरह पौधे लगाकर दूर करें अपनी परेशानियां

21/07/2026
Lips
Main Slider

होंठों का कालापन दूर करने के लिए करें ये उपाय

21/07/2026
Orange Face Pack
फैशन/शैली

बहुत काम के है छिलके, आजमाएं इससे बने ये फेस पैक

21/07/2026
Next Post
pm modi

किसान आंदोलन की पवित्रता पर सवाल

यह भी पढ़ें

राजू श्रीवास्तव को जान से मारने की धमकी Raju Srivastava

राजू श्रीवास्तव को ​फोन पर जान से मारने की मिली धमकी , एफआईआर दर्ज

29/12/2020
Swami Prakasthanand

BJP विधायक बने निर्मल अखाड़े में महामंडलेश्वर, संतों की मौजूदगी में हुआ पट्टाभिषेक

27/01/2025
सीएम योगी CM Yogi

हमारी सरकार अयोध्या को विश्व स्तरीय शहर बनाएगी : सीएम योगी

07/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version