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हाई ब्लड प्रेशर को समय रहते करलें नियंत्रित वरना दिल के दौरे का करने पड़ेगा सामना

नईदिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी घातक बीमारियों में से एक है जिसका अगर समय रहते उपचार नहीं किया तो इंसान की मौत भी हो सकती है। दरअसल, इसको नियंत्रित न करने पर इसका अटैक इंसान के हार्ट और ब्रेन को होता है। इसके साथ ही हाई ब्लड प्रेशर शरीर के बाकी अंगों पर भी बुरा प्रभाव डाल सकता है।कुछ सुझावों पर अमल कर इसको आराम से काबू में किया जा सकता है। ब्लड प्रेशर को मापना बहुत आसान है और यह हमारे स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में अन्य भी महत्वपूर्ण जानकारी देता है। वैसे इस समस्या की शुरुआत बढ़ती उम्र के साथ होती है, लेकिन इस समस्या को युवाओं देखने को मिलता है।युवाओं में यह लगभग 120/80 एमएमएचजी होता है। बुजुर्गों में सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर प्रमुख रूप से बढ़ता है, जो लगभग 160/80 एमएमएचजी हो सकता है। लेकिन बुजुर्गों में 150 से अधिक होने पर आगे निगरानी की जरूरत होती है।

बढ़ते ब्लड प्रेशर के दुष्प्रभाव

1. हाई ब्लड प्रेशर से हमारी धमनियों को हानि पहुँचती है, जोकि हमारे शरीर के प्रत्येक अंग को रक्त की आपूर्ति करती है।
2. ब्लड प्रेशर को वक़्त रहते नियंत्रित न करने पर इससे दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ सकती है। इसके अलावा ये हमारी आखों और किडनी को भी बुरी तरह से हानि पहुंचा सकती है।
3. इससे हमारी दिमागी नस फटने के भी चान्सेस बढ़ जाते हैं।

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लेकिन आज के दौर में सबसे बड़ी चिंता का मुद्दा यह है कि हाई ब्लड प्रेशर युवाओं को भी प्रभावित कर रहा है। जोकि 10 साल पहले ऐसे मामले कभी-कभार ही सामने आते थे। युवावस्था में हाई ब्लड प्रेशर से ग्रस्त होने का एक प्रमुख कारण टेंशन से भरी जीवन शैली है। वहीं नमक का अधिक सेवन हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम को बढ़ा देता है। इसके अलावा व्यायाम न करना और निष्क्रिय जीवन-शैली भी इस रोग को बुलावा देती है।

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किस तरह करें इसका उपचार

हाई ब्लड प्रेशर से आंखों में हुई हानि का पता लगाने के लिए अपनी रेटिना की धमनियों की जांच करानी चाहिए। इसी तरह हृदय की क्षति की जांच ECG से और गुर्दे की जांच पेशाब और रक्त की जांच से संभव है। इसको नियंत्रित करने के लिए अनेक दवाएं उपलब्ध हैं, लेकिन इनका इस्तेमाल डॉक्टर के परामर्श से ही करना चाहिए। इसके अलावा जीवनशैली में सकारात्मक परिवर्तन करें जैसे वजन को नियंत्रित रखें धूम्रपान व अलकोहल से परहेज करें। प्रतिदिन व्यायाम करें। इसका सबसे बेहतर उपचार योग और ध्यान है।

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लोग अक्सर दवाएं लेने से इस कारण बचते हैं लेकर भी फिर भी वे चिंतित होते हैं। हालांकि डॉक्टर ऐसी दवाओं का चयन करते हैं, जिनका आप पर दुष्प्रभाव न हो। ब्लड प्रेशर के सामान्य होने पर भी दवाओं को जारी रखना चाहिए। स्वास्थ्य की स्थिति में परिवर्तन होने, साइड इफेक्ट के कारण दवा के बदलने के बारे में डॉक्टर से परामर्श लें।

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लक्षणों को समझें

हाई ब्लड प्रेशर के रोगियों में जल्दी ही घबराहट महसूस हो सकती है। सामान्य कार्य करने में बेचैनी के चलते उन्हें कई दिक्क्तें होती है। कुछ लोगों को सिर में भारीपन महसूस होता है, लेकिन कुछ लोगों में इसके कोई लक्षण प्रकट नहीं होते। इसलिए ब्लड प्रेशर की समस्या से ग्रस्त लोगों को नियमित रूप से जांच करानी चाहिए। ब्लड प्रेशर की जानकारी अब इलेक्ट्रॉनिक मॉनीटर से भी मालूम कर सकते हैं।

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