Ramzan में दूसरा अशरा खत्म होने को, जानिए किन खास दुआ से कर सकते हैं अल्लाह की इबादत

ramzanramzan
Loading...

हरदोई। इस्लामिक स्कॉलरों के मुताबिक अल्लाह ने Ramzan  के यह 10 दिन दिए हैं, जिसमें बंदा खुद अपने गुनाहों से तौबा कर अल्लाह से मगफिरत तलब कर सकता है। खास दुआ से कर सकते हैं। अल्लाह की इबादत Ramzan के तीन अशरा होते हैं, जिसमें एक अशरा बीत चुका है।

Ramzan का दूसरा अशरा मगफिरत का होता है

दूसरा अशरा शुक्रवार 17 मई से शुरू हो गया और यह अगले 10 दिन तक जारी रहेगा। Ramzan का पहला अशरा रहमत का है तो दूसरा मगफिरत का होता है। इस्लामिक स्कॉलरों के मुताबिकए अल्लाह ने रमजान के यह 10 दिन दिए हैं, जिसमे बंदा खुद अपने गुनाहों से तौबा कर अल्लाह से मगफिरत तलब कर सकता है।

ये भी पढ़ें :-Ramzan 2019 : सेहरी और इफ्तार का सही समय, रोजेदार देखें यहां

दूसरे जुमा के साथ शुरू हुआ दूसरा अशरा रू इस बार रमजानुल मुबारक का दूसरा जुमा और दूसरा अशरा एक साथ शुरू हुआ है। आम दिनों में भी जुमे की अलग खासियत होती है, लेकिन रमजान में इसकी फजीलत और बढ़ जाती है। इस दिन अल्लाह की खूब इबादत करनी चाहिए और उनसे अपनी गुनाहों से तौबा व मगफिरत के लिए दुआ मांगनी चाहिए।

दूसरे अशरा की दुआ हर अशरा में खास दुआएं होती हैंए जिनकी तिलावत पूरे अशरे में की जाती है। दूसरे अशरा में पढ़ी जाने वाली दुआ में अल्लाह से ज्यादा से ज्यादा मगफिरत मांगनी चाहिए। इस आयत में अल्लाह ने हमें मगफिरत तलब करने का तरीका भी बताया है। पहली दुआरू मैं अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगता हूं, जो मेरा रब है और मुझे उसकी तरफ वापस जाना है। Ramzan में अल्लाह की माफी अपने चरम पर होती है। बता दें कि Ramzan के हर दिन और रात में अल्लाह अपनी नेमत से बंदों को मालामाल करता है। इस मुबारक महीने में अल्लाह अपने बंदों को पुकार-पुकार कर नेमत बांटता है। इस वजह से हमें अल्लाह से माफी मांगनी चाहिए।

Loading...
loading...

You may also like

ये फूड्स आपके कीटो डायट को बनाएंगे और मजबूत

Loading... 🔊 Listen This News फिटनेस को लेकर बढ़