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आज किया जाएगा फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान-दान, जान लें शुभ मुहूर्त एवं महत्व

Falgun Purnima

Falgun Purnima

सनातन धर्म में 12 पूर्णिमा तिथियां पड़ती हैं, लेकिन फाल्गुन माह की पूर्णिमा(Falgun Purnima) बड़ी विशेष और महत्वपूर्ण मानी जाती है। फाल्गुन पूर्णिमा को वसंत पूर्णिमा और दोल पूर्णिमा भी कहा जाता है। पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की पूजा का विधान है। इसी दिन माता लक्ष्मी अवतरित हुई थीं। इसलिए इस दिन लक्ष्मी जयंती भी मनाई जाती है।

प्राचीन काल से ही पूर्णिमा तिथि पर पवित्र नदियों में स्नान और फिर दान करने की पंरपरा चली आ रही है। इस दिन व्रत भी किया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन स्नान-दान, व्रत और पूजा-पाठ करने से सभी दुखों का नाश हो जाता है। कल फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान-दान किया जाएगा। ऐसे में आइए जानते हैं स्नान-दान का शुभ मुहूर्त।

फाल्गुन पूर्णिमा (Falgun Purnima) कब है?

द्रिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि कल शाम 05 बजकर 55 मिनट पर प्रारंभ हो गई थी। इस तिथि का समापन आज शाम को 05 बजकर 07 मिनट पर होगा। आज चंद्र ग्रहण लग रहा है। ऐसे में पूजा-पाठ और व्रत वर्जित होता है, लेकिन फाल्गुन पूर्णिमा का स्नान-दान आज किया जाएगा।

फाल्गुन पूर्णिमा (Falgun Purnima) 2026 स्नान-दान शुभ मुहूर्त

कल फाल्गुन माह की पूर्णिमा का सूर्योदय होगा। आज सुबह 06 बजकर 20 मिनट पर चंद्र ग्रहण का सूतक काल भी लग जाएगा, लेकिन आज सूतक काल के लगने से पहले ब्रह्म मुहूर्त में स्नान अति शुभ रहेगा। ऐसे में कल ब्रह्म मुहूर्त में पूर्णिमा का स्नान पवित्र नदी में करें। कल ब्रह्म मुहूर्त की शुरुआत सुबह 05 बजकर 05 मिनट पर हो जाएगी। ये मुहूर्त 05 बजकर 55 मिनट तक रहेगा। इसी मुहूर्त में स्नान करके आप दान कर सकते हैं।

फाल्गुन पूर्णिमा (Falgun Purnima) का महत्व

पूर्णिमा का स्नान, व्रत और पूजा-पाठ करने से भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। कुंडली में चंद्र दोष फाल्गुन पूर्णिमा का व्रत करने से समाप्त होता है।

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