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योगी जी न्याय दिलवाइए… सुसाइड नोट लिखकर फांसी के फंदे पर झूला कानपुर का कारोबारी

Troubled by fraud, businessman commits suicide

Troubled by fraud, businessman commits suicide

कानपुर के बर्रा इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां सोलर पैनल बिजनेस में साझेदारी के नाम पर हुई कथित धोखाधड़ी से परेशान एक कारोबारी ने आत्महत्या (Suicide) कर ली। मृतक ने दो पन्नों के सुसाइड नोट में अपने बिजनेस पार्टनर को मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपी पार्टनर की तलाश में जुट गई है। व्यापारी ने सुसाइड नोट में न्याय के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई है।

बर्रा विश्व बैंक डी-Block में रहने वाले ओमेंद्र सिंह ने सोमवार शाम अपने घर की दूसरी मंजिल पर स्थित कमरे में मफलर से फंदा लगाकर आत्महत्या (Suicide) कर ली। बताया जा रहा है कि सुसाइड से पहले उन्होंने सात बार अपने हाथ की नस काटी थी, जिससे कमरे में खून बिखरा हुआ था।

घटना की जानकारी तब हुई जब उनकी पत्नी अंजना सिंह रात को ड्यूटी से घर पहुंचीं। अंजना एलएलआर अस्पताल में स्टाफ नर्स के पद पर कार्यरत हैं। ऊपर जाकर कमरे का दरवाजा खोलते ही उन्होंने पति का शव पंखे से लटकता देखा और शोर मचाया। पड़ोसियों और परिवार के सदस्यों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया और जांच शुरू की।

ओमेंद्र सिंह के परिवार में उनकी मां रामवती, पत्नी अंजना और दो बेटे हैं। नोएडा की एक मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत उनके छोटे भाई उदय सिंह ने बताया कि ओमेंद्र पिछले छह वर्षों से दामोदर नगर में रहने वाले दिव्येंद्र सचान के साथ सोलर पैनल रूफटॉप फिटिंग का बिज़नेस चला रहे थे। शुरुआत में सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन पिछले एक साल से दिव्येंद्र ने धोखाधड़ी शुरू कर दी।

उदय के मुताबिक, दिव्येंद्र ने बिज़नेस के पैसे हड़प लिए और हिसाब-किताब में गड़बड़ी की। जब ओमेंद्र को इसकी जानकारी हुई, तो उन्होंने विरोध किया, लेकिन दिव्येंद्र ने धमकी दी और विवाद बढ़ गया। उदय ने बताया कि इस तनाव के चलते ओमेंद्र मानसिक रूप से बहुत परेशान रहने लगे थे। वे कम बोलते, चुपचाप रहते और रातों को सो नहीं पाते थे।

पुलिस जांच में सामने आया कि घटनास्थल से दो पन्नों का सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें ओमेंद्र ने स्पष्ट रूप से दिव्येंद्र सचान को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया। नोट में लिखा था कि दिव्येंद्र की धोखाधड़ी ने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया। सुसाइड नोट में उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा भी की और न्याय की अपील की। पुलिस ने कमरे से खून से सना एक चाकू भी बरामद किया, जिससे नस काटी गई थी। डॉक्टरों के अनुसार, खून बहने के बावजूद मौत का मुख्य कारण फंदे से दम घुटना था।

घटना के बाद पुलिस ने दिव्येंद्र सचान के घर दबिश दी, लेकिन वह फरार पाया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश में टीम गठित कर दी गई है और जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। मामले में IPC की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि सुसाइड नोट और परिवार के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। बिज़नेस की वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जाएगी, जिससे धोखाधड़ी की पुष्टि हो सके।

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