अमेरिका के कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामले में एक बार फिर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) का नाम सामने आया है। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट (DOJ) ने मंगलवार रात इस केस से जुड़े करीब 30 हजार पन्नों के नए दस्तावेज जारी किए हैं। इन फाइलों में ट्रंप और एपस्टीन की पुरानी जान-पहचान, निजी यात्राओं और कुछ गंभीर लेकिन अप्रमाणित आरोपों का जिक्र है।
नए जारी हुए पन्नों में ट्रंप (Trump) पर रेप के भी आरोप लगे हैं। हालांकि, जस्टिस डिपार्टमेंट ने साफ कहा है कि ट्रंप पर लगाए गए रेप के आरोप बिना सबूत के हैं और इन्हें सच नहीं माना जाना चाहिए। आइए जानते हैं ट्रंप को लेकर और क्या नए खुलासे हुए हैं इस फाइल्स में?
एपस्टीन (Epstein) के निजी जेट में ट्रंप (Trump) की यात्राएं
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump)पहले सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि उन्होंने कभी एपस्टीन के विमान में यात्रा नहीं की। लेकिन नए फ्लाइट लॉग्स इन दावों का सीधा खंडन करते हैं। फाइलों में शामिल जनवरी 2020 की एक ईमेल के मुताबिक, डोनाल्ड ट्रंप ने 1993 से 1996 के बीच कम से कम आठ बार एपस्टीन के निजी जेट से यात्रा की थी। रिकॉर्ड में ये भी दर्ज है कि कुछयात्राओं में ट्रंप की तत्कालीन पत्नी मार्ला मैपल्स और उनके बच्चे भी साथ थे। हालांकि, इन दस्तावेजों में ट्रंप पर किसी अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है।
महिला के साथ दिखे ट्रंप (Trump)
रिकॉर्ड बताते हैं कि इन यात्राओं में से कम से कम चार उड़ानों में एपस्टीन की करीबी सहयोगी गिस्लीन मैक्सवेल भी मौजूद थी, जिसे बाद में सेक्स ट्रैफिकिंग के मामले में दोषी ठहराया गया। एक 1993 की फ्लाइट में एपस्टीन, ट्रंप (Trump) और एक 20 वर्षीय महिला ही सवार थे जिसकी पहचान गोपनीय रखी हुई है। कुछ अन्य उड़ानों में ऐसी महिलाएं भी थीं, जिन्हें बाद में मैक्सवेल केस में संभावित गवाह बताया गया।
FBI फाइल में रेप का आरोप (अप्रमाणित)
सबसे विवादास्पद खुलासों में अक्टूबर 2020 की एक FBI फाइल शामिल है, जिसमें एक महिला ने दावा किया है कि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) और जेफ्री एपस्टीन दोनों ने उसके साथ रेप किया। फाइल में एक लिमोजीन ड्राइवर के बयान का भी जिक्र है, जिसने 1995 में एक फोन कॉल सुनी थी, जिसमें ट्रंप कथित तौर पर किसी लड़की के साथ दुर्व्यवहार की बात कर रहे थे। हालांकि, FBI रिकॉर्ड यह साफ नहीं करते कि इन आरोपों की औपचारिक जांच हुई या नहीं। बताया गया है कि आरोप लगाने वाली महिला की बाद में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई थी।
फाइलों में एपस्टीन का एक कथित हाथ से लिखा हुआ लेटर भी शामिल है जिसमें राष्ट्रपति के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखी गई हैं। यह पत्र सत्यापित नहीं है और DOJ ने इसकी प्रामाणिकता पर सवाल उठाए हैं। जस्टिस डिपार्टमेंट ने दोहराया है कि ट्रंप पर एपस्टीन केस में कोई आपराधिक आरोप नहीं है और कई दस्तावेज 2020 के चुनाव से पहले बिना जांच के जमा किए गए थे।
