• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जीवन की हर मुसीबत का संकेत देती हैं तुलसी

Writer D by Writer D
28/12/2025
in Main Slider, धर्म, फैशन/शैली
0
Tulsi

Tulsi

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

प्राचीन काल से ही घरों में तुलसी (Tulsi) का पौधा लगाने की और उसको प्रतिदिन जल चढ़ाने की परंपरा चली आ रही है।  शास्त्रों में तुलसी के पौधे को लक्ष्मी का रूप बताया गया है, यानि जहां पर तुलसी होती है वहां लक्ष्मी जी का आगमन होता ही है। यह एक अद्भुत औषधिय पौधा है। तुलसी का पौधा घर में लगाने से निगेटिव ऊर्जा नष्ट होती है और पॉजिटिव ऊर्जा बढ़ती है।

तुलसी (Tulsi) का पौधा घर में आने वाली विपत्ति को रोकने के साथ-साथ रोगों के नाश के लिये भी एक अच्छा उपाय है। साथ ही यह परिवार की आर्थिक स्थिति के लिये भी शुभ होती है। तुलसी (Tulsi) का पौधा घर में होने से मन को शांति और प्रसन्नता मिलती है। जानिए आचार्य इंदु प्रकाश से तुलसी को किस दिशा में लगाना शुभ मना जाता है।

इस दिशा में लगाएं तुलसी (Tulsi)

वास्तु के अनुसार घर में तुलसी के पौधे के लिये उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा का चुनाव करना चाहिए। इन दिशाओं में तुलसी का पौधा लगाना घर में सकारात्मक ऊर्जा पैदा करने वाला होता है. इसके अलावा आप ईशान कोण, यानि उत्तर-पूर्व दिशा में भी तुलसी का पौधा लगा सकते हैं,

इस दिशा में ना लगाएं तुलसी (Tulsi)

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की दक्षिण दिशा में तुलसी का पौधा नहीं लगाना चाहिए, अन्यथा यह आपको फायदा देने के बजाय नुकसान भी पहुंचा सकता है।

कुछ ऐसे खास दिन भी होते हैं जब तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए।  प्रत्येक रविवार, एकादशी और सूर्य व चंद्र ग्रहण के समय तुलसी को जल नहीं चढ़ाना चाहिए। साथ ही इन दिनों में और सूर्य छिपने के बाद तुलसी के पत्ते नहीं तोड़ने चाहिए. ऐसा करने से वास्तु दोष लगता है। साथ ही जो व्यक्ति वीरवार के दिन तुलसी के पौधे में कच्चा दूध डालता है और रविवार को छोड़कर प्रतिदिन शाम को घी का दीपक जलाता है, उसके घर में सदा लक्ष्मी जी का वास रहता है। इसके अलावा घर में कभी भी सूखा तुलसी का पौधा नहीं रखना चाहिए। यह अशुभ माना जाता है। ऐसे पौधे को कुएं या किसी पवित्र स्थान पर बहा देना चाहिए और नया पौधा लगाना चाहिए।

Tags: basil planttulsi plantTulsi vastu shashtravastu conection of tulsivastu shastravastu shastra for tulsi plantVastu Tipsvastu tips for homewhere to keep tulsi plant at home according to vastuwhich tulsi is best for home as per vastu
Previous Post

रविवार को करें सूर्य देव के मंत्रों का जाप, मिलेगी यश-कीर्ति

Next Post

न्यू ईयर पार्टी में होना हैं शामिल, इन मेकअप टिप्स से पाएं स्टाइलिश लुक

Writer D

Writer D

Related Posts

CM Vishnu Dev Sai
Main Slider

गढ़फुलझर नानकसागर बनेगा आस्था और पर्यटन का प्रमुख केंद्र : मुख्यमंत्री

15/03/2026
CM Dhami
Main Slider

कांग्रेस के दौर में खनन माफिया की जेब में जाता था राज्य का पैसा: सीएम धामी

15/03/2026
CM Yogi took a selfie with the child
Main Slider

… और पूरी हो गई स्कूली बच्चे की इच्छा

15/03/2026
CM Yogi
Main Slider

भारत की नींव को कमजोर कर रही जातिवाद की राजनीतिः मुख्यमंत्री

15/03/2026
Former MLA Rohit Reddy tests positive for drugs
Main Slider

तेलंगाना में ‘रेव पार्टी’ का पर्दाफाश! पूर्व विधायक ड्रग्स टेस्ट में पॉजिटिव, पुलिस पर चली गोली

15/03/2026
Next Post
makeup

न्यू ईयर पार्टी में होना हैं शामिल, इन मेकअप टिप्स से पाएं स्टाइलिश लुक

यह भी पढ़ें

roadways buses

दो रोडवेज बसों के टकराने से लगी आग में 37 यात्री घायल

29/04/2022
Supari

काम में आ रही है रुकावट, तो करें सुपारी का ये अचूक टोटका

14/07/2024
life imprisonment

हत्या के आरोप में कोर्ट ने तीन सगे भाइयों को सुनाई उम्रकैद की सजा

20/02/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version