सोनभद्र जनपद के घोरावल थाना क्षेत्र के शिल्पी गांव में रविवार को पहाड़ी का बड़ा टुकड़ा गिरने से मलबे में दबकर दो मजदूरों की मौत हो गई। वहीं, चार गम्भीर रूप से घायल हो गये। हृदय विदारक हादसे की जानकारी पाते ही गांव में हड़कम्प मच गया।
सूचना पर मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों ने ग्रामीणों की मदद से मलबे में से मृतकों के शवों और घायलों को निकलवाया। घायलों को अस्पताल भिजवाने के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना का कारण पहाड़ी के नीचे से मिट्टी निकालना रहा। मिट्टी निकाले जाने पर पहाड़ का हिस्सा भरभरा कर गिर गया।
ग्रामीणों ने बताया कि पड़ोस के गुरूवल गांव के कुछ मजदूर शिल्पी गांव के बाहर स्थित पहाड़ी में मिट्टी निकालने आये थे। पहाड़ी के ठीक नीचे मिट्टी के ढ़ूहे को मजदूर फावड़े और कुदाल से काट—काट कर निकाल रहे थे। इसी दौरान मिट्टी पोली होने से ढ़ूहा और पहाड़ी का एक टुकड़ा गिर गया।
जिसके मलबे में आधा दर्जन मजदूर दब गये। उनके चीख पुकार पर आसपास के लोग दौड़ कर वहां पहुंचे और पुलिस को सूचना देने के साथ घायलों को मलबे में से निकालने लगे। तब तक कोतवाली पुलिस और अन्य अफसर भी मौके पर पहुंच कर राहत कार्य में जुट गये। अफसरों ने ग्रामीणों की मदद से सभी को बाहर निकलवाया।
जिसमें राजकुमार कोल (20) और सूरज कुमार (21) की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। अन्य घायलों में दिलीप (18), जितेंद्र (28), गंगाराम (50), विजय (50) हैं। हादसे की जानकारी पर मृतकों और घायलों के परिजनों के साथ उनके पड़ोसी भी घटना स्थल पर पहुंच गये। मृतकों में सूरज अविवाहित रहा। राजकुमार दो पुत्र और एक पुत्री का पिता था। दोनों के मौत से उनके परिजनों का रो—रोकर बुरा हाल है।
शिल्पी गांव के ग्रामीणों का कहना था कि लोग जान पर खेल कर गरीबी में पहाड़ों के नीचे मिट्टी निकालते हैं। ऐसी घटनाएं इलाके में होती रहती है। लोग भी नहीं चेतते और जिम्मेदार भी मौन रहते हैं। इसका फायदा खनन कराने वाले ठेकेदार पुलिस की मिलीभगत से उठाते है। जान गरीब मजदूरों की जाती है।
