मुन्ना की दो लोगों ने मिलकर की हत्या, पहला हत्यारा सुनील राठी और ये था दूसरा शख्स!

सुनील राठी
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लखनऊ। माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या के आरोपी सुनील राठी को फतेहगढ़ जेल शिफ्ट कर दिया गया है। वहीं अब मुन्ना की हत्या को लेकर एक नया मोड़ आया है। जिसने इस हत्याकांड की गुत्थी को और भी ज्यादा उलझा दिया है। इस मामले में नयी बात सामने आयी है कि मुन्ना को दो पिस्टल से गोलियां मारी गयी थीं। जिससे ये सवाल उठ रहा है कि उसकी हत्या में राठी के अलावा दूसरे किस शख्स का हाथ था।

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सुनील राठी के अलावा गोली चलाने वाला दूसरा शख्स कौन?

इस हत्याकांड में सुनील राठी का साथ देने वाले और शख्स का नाम बार-बार सामने आता रहा है। लेकिन इस बात से अभी तक पर्दा नहीं उठ पाया कि आखिर वह दूसरा हत्यारा कौन है। इस मामले में शक की सुई सुनील के भाई अरविन्द राठी की तरफ इशारा कर रही है कि कहीं सुनील ने अरविन्द के साथ मिलकर तो मुन्ना को नहीं मारा। बता दें कि सुनील का सगा बड़ा भाई अरविंद राठी उसके आने से पहले ही बागपत जेल में बंद है। जेलर ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा उससे भी पूछताछ की जा रही है।

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करीब एक साल से बागपत जेल में बंद है अरविन्द राठी

इस मामले में अभी तक सुनील राठी का ही नाम चर्चा का विषय बना हुआ था। लेकिन दो पिस्टल से हत्या की बात सामने आने के बाद इस प्रकरण में अरविन्द का नाम भी सामने आ रहा है। जेल के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक अरविंद राठी करीब एक साल से यानी सुनील के यहां आने के पहले से बागपत जेल में बंद है। वह भी हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।

बताया जा रहा है कि वैसे तो सुनील राठी बैरक में बंद था। लेकिन उसकी आवाजाही जेल के हर हिस्से तक थी। आठ जुलाई की रात जब पूर्वांचल के माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी को बागपत जेल में लाया गया था। उस समय सुनील राठी, उसका सगा भाई अरविन्द राठी व ताऊ राम निवास राठी बागपत जेल में ही बंद थे।

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9 जुलाई को मुन्ना को मारी गयी गोली

गौरतलब है कि 9 जुलाई को मुन्ना बजरंगी की जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गयी। वहीं मुन्ना की हत्या का जुर्म सुनील राठी ने आसानी से कबूल लिया था। लेकिन मामूली विवाद में हत्या की बात जेल प्रशासन की हजम नहीं हो पा रही है। वहीं इस हत्या में बार-बार दूसरे व्यक्ति का नाम भी सामने आता रहा है। ऐसे में दो पिस्टल से हत्या की बात ने इस शक को और ज्यादा गहरा दिया है।

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