आईआईएम में दो वर्षीय पीएचडी पाठ्यक्रम को नहीं मिली मंजूरी

रमेश पोखरियाल 'निशंक'रमेश पोखरियाल 'निशंक'
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नयी दिल्ली। भारतीय प्रबंध संस्थानों (आईआईएम) में शुरू हुए दो वर्ष के पीएचडी पाठ्यक्रम को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने मंजूरी नहीं दी है।मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के दिशानिर्देशों के अनुसार, पीएचडी पाठ्यक्रम की न्यूनतम अवधि तीन साल है। निशंक ने बताया, मंत्रालय ने भारतीय प्रबंध संस्थानों में शुरू हुए दो वर्ष के पीएचडी पाठ्यक्रम को मंजूरी नहीं दी है। उन्होंने कहा कि 6.5 सीजीपीए के साथ बी टेक के चार वर्षीय स्नातक या समकक्ष अर्हताप्राप्त विद्यार्थी आईआईएम में पीएचडी पाठ्यक्रम में दाखिला लेने के पात्र हैं।

एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में निशंक ने बताया कि यूजीसी ने एक ही विश्वविद्यालय अथवा अलग-अलग विश्वविद्यालयों से दूरस्थ माध्यम या अंशकालिक माध्यम से एक साथ दो डिग्री कार्यक्रमों में अध्ययन किये जाने के मामले की जांच के लिए चार जून 2019 को एक समिति गठित की है। उन्होंने यह भी बताया कि उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कोई नयी छात्रवृत्ति योजना शुरू करने का सरकार का कोई विचार नहीं है।

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