जानिए किस विधि और मंत्र से करनी है सकट चौथ की पूजा

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आप सभी को बता दें कि आज सकट चौथ है जो सभी संकटों से उबरने का दिन माना जाता है. कहते हैं माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को सकट चौथ के रूप में मनाया जाता है और इस दिन कई उपाय, पूजा की जा सकती है. ऐसे में इस चतुर्थी को तिलकुटा चौथ, संकटा चौथ, संकष्टि चतुर्थी, माघी चतुर्थी भी कहते हैं और संकष्टि चतुर्थी का मतलब होता है संकटों का नाश करने वाली चतुर्थी. इस दिन यानी आज के दिन महिलाएं अपने बच्चों की सलामती की कामना करते हुए पूरे दिन निर्जला उपवास करती हैं. इस दिन यानी आज के दिन शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद इस व्रत खोल दिया जाता है. ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि आज के दिन कैसे करनी है पूजा.

 

जानिए कैसे करें सकट चौथ की पूजा –  आज के दिन रात में चंद्र देव को अर्ध्य देने के बाद भोजन करते हैं और उसके बाद गणेश जी के भालचंद्र स्वरूप के पूजन का विधान है. आप सभी को बता दें कि भालचन्द्र का अर्थ है जिसेक भाल अर्थात मस्तक पर चंद्रमा सुशोभित हो. आज के दिन गणेश जी पर प्रसाद के रुप में तिल-गुड़ का बना लड्डु और शकरकंदी चढ़ाई जाती है. इसी के साथ आज शास्त्रों के अनुसार पर मिट्टी से बने गौरी, गणेश और चंद्रमा की पूजा करते हैं. आज के दिन तिल को भूनकर गुड़ के साथ कूटकर तिलकुटा अर्थात तिलकुट का पहाड़ बनाया जाता है और आज की पूजा में गौरी गणेश व चंद्रमा को तिल, ईख, गंजी, भांटा, अमरूद, गुड़, घी से भोग लगाने का विधान है.

आइए जानते हैं किस मंत्र से करनी है पूजा –
गजाननं भूत गणादि सेवितं, कपित्थ जम्बू फल चारू भक्षणम्.
उमासुतं शोक विनाशकारकम्, नमामि विघ्नेश्वर पाद पंकजम्॥

आज के चंद्रोदय का समय – भारतीय समयानुसार सायं काल 9:25 पर चंद्रमा उदय होगा. इस बार संकष्टी चतुर्थी (सकट चौथ) 23 जनवरी को 23.59 पर शुरू हो होगी और 24 जनवरी को 20.53 बजे तक रहेगी.

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