उन्नाव गैंगरेप केस : सीबीआई ने थानेदार और दरोगा को किया गिरफ्तार

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लखनऊ। उन्नाव गैंगरेप पीड़िता के पिता की मौत मामले में सीबीआई ने उत्तर प्रदेश पुलिस के दो अधिकारियों को गिरफ़्तार कर लिया है। सीबीआई के मुताबिक तत्कालीन सब इन्स्पेक्टर अशोक सिंह भदौरिया और तत्कालीन एसओ और सब इंस्पेक्टर कामता प्रसाद सिंह को गिरफ्तार किया गया है। कामता प्रसाद उस वक्त उन्नाव के माखी थाने में एसओ के पद पर तैनात थे।

पुलिस अधिकारियों को नहीं थी जानकारी

पिछले दिनों हाईकोर्ट ने उन्नाव गैंगरेप केस के आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी को लेकर सीबीआई पर सवाल उठाया था। इसके बाद सीबीआई ने दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। वहीं उन्नाव के आला पुलिस अधिकारियों को दोनों दारोगाओं की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार (16 मई) देर रात तक कोई खबर नहीं थी। दोनों दारोगाओं पर शस्त्र अधिनियम लगाए जाने से उनके आचरण पर भी सवाल उठ गया है।

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माखी पुलिस ने पीड़िता के पिता को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था

सीबीआई के अनुसार नौ अप्रैल को, बलात्कार पीड़िता के पिता की उन्नाव के एक अस्पताल में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सेंगर के समर्थकों के साथ झगड़ा करने के मामले में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद से ही पीड़िता के पिता न्यायिक हिरासत में थे।सीएम योगी ने इस संबंध में एडीजी लखनऊ जोन को जांच करने और दोषी को गिरफ्तार करने का फरमान सुनाया था। आरोप लगाया गया था कि अतुल ने समूह का नेतृत्व किया और अपने सहयोगियों से परिवार पर हमला करने के लिए कहा था। चार  अप्रैल को हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी, लेकिन अतुल का नाम इसमें शामिल नहीं था। दूसरी तरफ, माखी पुलिस ने आईपीसी की धारा 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाने) 504 (शांति का उल्लंघन करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत पीड़िता के पिता को गिरफ्तार कर लिया था और 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

पुलिस हिरासत में पीड़िता के पिता की क्रूरता से की थी पिटाई

इसी के बाद पुलिस ने हिरासत में पीड़िता के पिता की क्रूरता से पिटाई की थी। इसके बाद उसे जेल से अस्पताल ले जाया गया था। जहां कुछ घंटों बाद ही उसकी मौत हो गई थी। अस्पताल में भी उसके साथ बहुत बुरा बर्ताव किया गया था। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ था।बलात्कार पीड़िता ने आरोप लगाया कि बीजेपी विधायक सेंगर की वजह से उसके पिता की मौत हो गई, क्योंकि वह उसके खिलाफ गैंगरेप की शिकायत वापस लेने को तैयार नहीं थी। बता दें कि बीजेपी का विधायक कुलदीप सिंह सेंगर और उसका भाई अतुल सिंह सेंगर 20 साल की लड़की के साथ गैंगरेप करने के आरोप में अब जेल में बंद है।

कोर्ट ने लगाई थी सीबीआई को फटकार

बतातें चलें  कि उन्नाव गैंगरेप केस में सीबीआई की टीम स्टेटस रिपोर्ट के साथ दो मई को इलाहाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डीबी  भोसले और जस्टिस सुनीत कुमार की बेंच के सामने पेश हुए थे। इस दौरान कोर्ट ने सीबीआई की धीमी जांच प्रक्रिया पर नाराजगी जताई थी।

इस मामले की 21 मई को होगी अगली सुनवाई

दो मई को ये तय किया गया कि उन्नाव गैंगरेप केस मामले की अगली सुनवाई 21 मई को होगी। कोर्ट के निर्देशों पर सीबीआई  टीम को लीड कर रहे राघवेंद्र वत्स ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि सभी निर्देशों का पालन किया जाएगा।

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