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अमेरिकी सरकार ने दो महीनों में करीब 3.9 करोड़ लोगों को नौकरी से निकाला

वॉशिंगटन। अमेरिकी सरकार ने बृहस्पतिवार (21 मई) को कहा कि कोरोना वायरस संकट के कारण पिछले दो महीनों में करीब 3.9 करोड़ लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया है। पिछले सप्ताह 24 लाख से अधिक लोगों ने बेरोजगारी लाभ के लिए आवेदन दिए। यह बताता है कि हाल के दिनों में कोरोना वायरस महामारी और उसकी रोकथाम के लिए जारी ‘लॉकडाउन’ से कितनी संख्या में लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। देशव्यापी बंद से आर्थिक गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं।

श्रम विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 3.86 करोड़ लोगों को नौकरी से हाथ धोना पड़ा है। इसके अलावा 22 लाख लोगों ने नए संघीय कार्यक्रम के तहत सहायता मांगी है। यह कार्यक्रम स्व-रोजगार करने वाले, ठेकेदारों और अस्थायी कमचारियों के लिए है जो अब पहली बार बेरोजगारी लाभ लेने के पात्र हैं।

फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेारोम पॉवेल ने कहा कि देश में बेरोजगारी दर मई या जून में 20 से 25 प्रतिशत तक जा सकती है। बेरोजगारी का यह स्तर 1930 के दशक की महामंदी के बाद नहीं देखा गया। अप्रैल में बेरोजगारी दर 14.7 प्रतिशत थी। ‘कांग्रेसनल बजट’ ऑफिस के अनुसार अप्रैल-जून में अर्थव्यवस्था में 38 प्रतिशत की गिरावट आने की आशंका है जो अब तक की सबसे बड़ी गिरावट है।

वहीं, विविध क्षेत्रों में कार्यरत वित्तीय सेवा समूह इंडियाबुल्स ग्रुप ने अपने करीब 2,000 कर्मचारियों को कंपनी से इस्तीफा देने को कहा है। हालांकि, समूह ने कहा है कि यह छंटनी की कार्रवाई नहीं है, बल्कि वार्षिक आधार पर कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोड़ने के चक्र यानी एट्रिशन का हिस्सा है।

इंडियाबुल्स ग्रुप ने बयान में कहा, ”कंपनी में सामान्य तौर पर अप्रैल-मई के दौरान 10-15 प्रतिशत श्रमबल का एट्रिशन देखने को मिलता है। इस साल हमने उच्चतम न्यायालय और गृह मंत्रालय द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने का इंतजार किया। कारोबार की सामान्य प्रक्रिया के तहत कर्मचारियों द्वारा कंपनी छोड़ने के अलावा किसी तरह की छंटनी नहीं की गई है। यह कार्रवाई सिर्फ कुछ माह नहीं बल्कि पूरे साल के प्रदर्शन के आधार पर की गई है।”

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