सीएम योगी आदित्यनाथ का ओएसडी बनकर लोगों से ऐठते थे रूपए

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ओएसडी बताकर लोगों को चूना लगाने वाले दो जालसाजों को हजरतगंज पुलिस ने गिरफ्तार किया है। जालसाज खुद को मुख्यमंत्री का ओएसडी बताते थे और लोगो से रकम ऐंठ लेते थे। बताया जा रहा है कि ठगों ने अभी तक कई मजबूरों को अपना निशाना बनाया है।
एसएसपी दीपक कुमार के निर्देश पर रोकथाम जुर्म जरायम व घटनाओ के अनावरण के सन्दर्भ में चलाये जा रहे अभियान में एएसपी पूर्वी व सीओ हजरतगंज के निर्देशन में इंस्पेक्टर हजरतगंज आनंद शाही की गठित टीम एसआई दिनेश शुक्ला, एसआई शशिकांत कन्नौजिया, कांस्टेबल सनोज कुमार, विक्रांत एवं क्राइम ब्रांच के कांस्टेबल राम निवास व कांस्टेबल वीर सिंह द्वारा लखनऊ में दर्ज मामले के अनावरण के प्रयास में लगी टीम ने दो ठगों को जीपीओ पार्क के पीछे से गिर तार किया। इन ठगों की पहचान अमित अग्रवाल निवासी विकास खण्ड गोमतीनगर एवं तेज प्रताप सिंह निवासी गोहना, जनपद मऊ के रूप में हुई। दोनों ही अभियुक्तों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।

सरकारी कर्मियों के शामिल होने का शक

एसएसपी दीपक कुमार ने बताया की 12 जून को प्रकाश में आया की मुरादाबाद के व्यवसायी प्रमोद गुप्ता को फोन द्वारा बताया गया की मुख्यमंत्री का ओएसडी बोल रहा हूं। इसके बाद प्रमोद को माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का सदस्य बनाने का प्रस्ताव फोन पर दिया गया और इसके एवज में एक करोड़ रुपये की मांग की गयी।
व्यवसायी प्रमोद को मामला संदिग्ध लगा तो उन्होंने लखनऊ पुलिस को मामले की जानकारी दे दर्ज कराया। प्रमोद ने मुख्यमंत्री के ओएसडी अभिषेक कौशिक को भी मामले से अवगत कराया। हजरतगंज पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी दीपक कुमार का कहना है की गिर तार ठगों की कुछ सरकारी कर्मचारियों द्वारा मदद करने की बात भी प्रकाश में आई है जिनकी भी जल्द गिरफ़्तारी की जायेगी।
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