राज्यसभा चुनाव परिणाम : बसपा हारी नहीं उसे हराया गया

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लखनऊ। यूपी के 10 राज्यसभा सीट के लिए हुए चुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जिसमें बीजेपी को 9 सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं सपा की तरफ से जया बच्चन राज्यसभा की सांसद चुनी गयी हैं। इस चुनाव में 9 सीटों पर सांसदों को चुना जाना विधायकों की संख्या के अनुसार तय था   वहीं आखिरी सीट के लिए बसपा और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर थी। लेकिन इस रोमांचक मुकाबले   में बसपा उम्मीदवार भीम राव   अम्बेडकर को अभुमत नहीं मिल पाया और बीजेपी उम्मीदवार अनिल अग्रवाल ने बाजी मार ली।

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राज्यसभा चुनाव परिणाम : शिकायत काे चुनाव आयाेग ने किया अनसुना

ये चुनाव दोनों पार्टियों के लिए अगामी गठबंधन के लिए बेहद महत्त्वपूर्ण था लेकिन दोनों पार्टियों के लिए ये हार का सामना करना पड़ा। वहीं बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने बताया कि उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायत की है कि बसपा के विधायक अनिल सिंह ने अपना वोट देने से पहले पार्टी के एजेंट को नहीं दिखाया। लिहाजा उनका वोट निरस्‍त किया जाए।

वहीं सपा ने भी अपने विधायक नितिन अग्रवाल के संबंध में ऐसी ही शिकायत की जिनके पिता नरेश अग्रवाल हाल ही में बीजेपी में शामिल हुए हैं। सपा के विधान परिषद सदस्य सुनील सिंह साजन ने बताया कि नितिन अग्रवाल ने सपा के एजेंट को दिखाएं बगैर मतदान किया है लिहाजा उनका वोट निरस्त किया जाए।

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राज्यसभा चुनाव परिणाम : मुख्तार-हरिओम को नहीं मिला वोट देने का मौका

वहीं सरकार की तरफ से बसपा को हारने के लिए हर तरह की रणनीति अपनायी गयी। सबसे पहले जेल में बंद बाहुबली बसपा विधायक मुख्तार अंसारी के वोट देने पर  हाईकोर्ट की रोक लगा दी गयी और कारागार में निरुद्ध सपा विधायक हरिओम यादव की राज्यसभा चुनाव में वोट डालने की अनुमति सम्बन्धी याचिका को अपर सत्र न्यायालय द्वारा कल खारिज किये जाने से ही विपक्ष को करारा झटका लगा था।

राज्यसभा चुनाव परिणाम : कैसे जीत से कुछ कदम ही दूर रह गयी बसपा

यूपी में राज्यसभा में एक उम्मीदवार को जिताने के लिये 37 प्रथम वरीयता के वोट मिलना जरूरी था। प्रदेश की 403 सदस्‍यीय विधानसभा में 324 विधायकों के संख्याबल के आधार पर आठ सीटें बीजेपी को आसानी से हासिल हो रही थी वहीं सपा के पास 47 सदस्य हैं। उसके पास अपनी उम्मीदवार जया बच्चन को चुनाव जिताने के बाद तकनीकी रूप से 10 वोट बचते।

लेकिन आखिरी सीट की लड़ाई को रोमांचक तब बना दिया गया जब बीजेपी ने 10 सीटों के लिये नौ प्रत्याशी उतार दिया। मगर नितिन अग्रवाल के बीजेपी को वोट देने और जेल में बंद विधायक हरिओम के वोट ना दे पाने के बाद उसके पास आठ वोट ही बचे थे। अनिल सिंह बीजेपी को वोट देने के बाद बसपा के पास 17 वोट बचे थे जबकि कांग्रेस के पास सात और राष्ट्रीय लोकदल के पास एक वोट था। इस तरह यह आंकड़ा 33 का बैठता था। इस तरह बसपा प्रत्याशी को जिताने के लिये चार और मतों की जरूरत थी।

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