पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों और विशेष रूप से माता के भक्तों के लिए एक बेहद सुखद और बड़ी खबर सामने आई है। अमृतसर से श्री माता वैष्णो देवी कटरा के बीच चलने वाली देश की आधुनिक और प्रीमियम ट्रेन ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ (Vande Bharat Express) आगामी 16 जून से एक बार फिर अपनी सेवाओं को दोबारा शुरू करने जा रही है। करीब सात महीने के एक लंबे अंतराल के बाद इस बहुप्रतीक्षित ट्रेन सेवा के बहाल होने से न केवल आम यात्रियों को आवागमन में सुविधा होगी, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी एक नया पंख मिलेगा।
रेलवे प्रशासन ने ट्रेन (Vande Bharat Express) के सुचारु संचालन की सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिसके तहत यात्रियों की मांग और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए इस बार ट्रेन का नया रूट और एक बिल्कुल नई समय-सारिणी जारी की गई है।
रेलवे द्वारा जारी संशोधित परिचालन व्यवस्था के अनुसार, इस बार सबसे बड़ा बदलाव ट्रेन के मार्ग में किया गया है; यह वंदे भारत एक्सप्रेस (Vande Bharat Express) अब अपने पुराने रास्ते के बजाय गुरदासपुर और बटाला शहरों से होकर संचालित की जाएगी। इस नए रूट के चयन से इन दोनों प्रमुख क्षेत्रों और इनके आसपास के ग्रामीण अंचलों के यात्रियों को भी सीधे तौर पर देश की सबसे तेज ट्रेन सेवा का लाभ मिल सकेगा। इसके साथ ही, रेलवे ने परिचालन संबंधी कारणों से ट्रेन के साप्ताहिक अवकाश (जिस दिन ट्रेन नहीं चलेगी) के दिन में भी बदलाव कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत अब यह ट्रेन शनिवार के दिन ट्रैक पर नहीं उतरेगी और सप्ताह के बाकी छह दिन नियमित रूप से अपनी सेवाएं प्रदान करेगी।
इस सेमी-हाई स्पीड ट्रेन के नए और विस्तृत समय-कार्यक्रम पर नजर डालें तो अमृतसर से चलने वाली ट्रेन संख्या 26405 शाम को ठीक 4:25 बजे अमृतसर रेलवे स्टेशन से प्रस्थान करेगी और महज पांच घंटे 35 मिनट की बेहद तेज रफ्तार यात्रा पूरी करके रात 10:00 बजे यात्रियों को श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्टेशन पहुंचा देगी। वहीं, वापसी के सफर में ट्रेन संख्या 26406 कटरा स्टेशन से सुबह तड़के 6:40 बजे रवाना होगी और दोपहर करीब 12:20 बजे वापस अमृतसर पहुंचेगी। इस पूरी यात्रा के दौरान ट्रेन दोनों दिशाओं में बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मू तवी जैसे रणनीतिक व प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव (स्टॉपेज) करेगी, जिससे पंजाब और जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिलों के बीच आपसी रेल संपर्क और भी अधिक सुदृढ़ हो जाएगा।
उत्तर रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि इस प्रीमियम सेवा के दोबारा शुरू होने से न केवल आगामी यात्रा सीजन में यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का एक बेहतरीन विकल्प मिलेगा, बल्कि अमृतसर, बटाला और पठानकोट क्षेत्र के स्थानीय व्यापारियों व धार्मिक पर्यटकों को भी इसका सीधा आर्थिक लाभ पहुंचेगा।
