आजकल मोबाइल फोन सिर्फ कॉल या मैसेज के लिए नहीं, बल्कि गेमिंग, वीडियो स्ट्रीमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए भी इस्तेमाल हो रहे हैं. लगातार भारी इस्तेमाल से फोन गरम हो जाता है और परफॉर्मेंस भी खराब हो जाती है. इसी समस्या का समाधान है Vapour Chamber Cooling, जो फोन को लंबे समय तक ठंडा रखने में मदद करती है. यह तकनीक खासकर गेमिंग और हाई परफॉर्मेंस स्मार्टफोन में अधिक उपयोग की जाती है.
Vapour Chamber Cooling क्या है
वेपर चैंबर कूलिंग एक विशेष प्रकार की हीट डिसिपेशन टेक्नोलॉजी है. इसमें एक फ्लैट चैंबर होता है, जिसमें थर्मल फ्लुइड मौजूद रहता है. जब प्रोसेसर और अन्य कंपोनेंट्स गर्म होते हैं, तो यह फ्लुइड गर्मी को अवशोषित करता है और उसे पूरे चैंबर में फैलाता है. इससे तापमान तेजी से कम होता है और फोन लंबे समय तक ठंडा रहता है.
कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी
जब फोन में प्रोसेसर भारी काम करता है, तो Vapour Chamber के अंदर फ्लुइड वाष्पित हो जाता है. वाष्प गर्मी को चैंबर के बाकी हिस्सों में फैलाता है और फिर ठंडा होकर वापस लिक्विड में बदल जाता है. यह प्रक्रिया लगातार चलती रहती है और फोन का तापमान कंट्रोल रहता है. इसका फायदा यह है कि फोन की परफॉर्मेंस स्लो नहीं होती और डिवाइस लंबे समय तक सुरक्षित रहता है.
गेमिंग स्मार्टफोन में सबसे ज्यादा यूजफुल
Vapour Chamber Cooling तकनीक मुख्य रूप से हाई-एंड गेमिंग स्मार्टफोन और प्रीमियम फ्लैगशिप फोन में दी जाती है. इन फोन में Snapdragon या MediaTek के हाई परफॉर्मेंस चिपसेट होते हैं, जो ज्यादा गर्म होते हैं. Xiaomi, iQOO, ASUS ROG और Samsung के गेमिंग या फ्लैगशिप मॉडल्स में यह तकनीक देखने को मिलती है.
Vapour Chamber Cooling के फायदे
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह फोन को लंबे समय तक ठंडा रखती है और थर्मल थ्रॉटलिंग को कम करती है. इसके अलावा बैटरी की लाइफ बेहतर रहती है, फोन की स्पीड में गिरावट नहीं आती और गेमिंग या वीडियो स्ट्रीमिंग अनुभव ज्यादा स्मूद होता है. इसे एक स्मार्टफोन का थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम भी कहा जा सकता है.









