• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

इन चीजों के बिना अधूरा है वट सावित्री व्रत

Writer D by Writer D
16/05/2026
in धर्म, फैशन/शैली
0
Vat Savitri Vrat

Vat Savitri Vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

अखंड सौभाग्य और सुख की कामना के लिए किया जाने वाला वट सावित्री (Vat Savitri) का व्रत ज्येष्ठ माह में कृष्ण पक्ष की अमावस्या को मनाया जाता है। इस दिन सोमवती अमावस्या भी है, जिसमें की गई पूजा और दान का विशेष फल मिलता है। इस व्रत से सौभाग्यवति महिलाओं की अखंड सौभाग्य की कामना पूरी होती है। ऐसा कहा जाता है कि इस व्रत का संबंध सत्यवान और सावित्री की पौराणिक कथा से भी जुड़ी हैं। पतिव्रता सावित्री ने अपने तप और पतिव्रता धर्म से यमराज को भी झुका दिया था और मृत पति सत्यवान के प्राण यमराज से छीन लाई। तभी से यह व्रत सुहागिनों के लिए श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बन गया।

क्यों होती बरगद के पेड़ की पूजा

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत में बरगद के पेड़ की पूजा की जाती है। ऐसा माना जाता है कि जिस तरह बरगद के पेड़ की उम्र लंबी होती है, उसी प्रकार उनके पति की उम्र भी लंबी हो। आध्यामिक तौर पर मानें तो बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का वास होता है। यह पेड़ वर्षभर ऑक्सीजन देने वाला और जीवनदायी माना जाता है, इसलिए इसे पूजनीय माना गया है।

बांस के पंखे और टोकरी के बिना अधूरा है यह व्रत

वट सावित्री (Vat Savitri) व्रत के दिन बांस के टोकरी में मौसमी फल और पूजा की सामग्री रखकर ले जाती हैं। इस व्रत में बांस के पंखे का बहुत महत्व है। सबसे पहले रक्षा सूत्र बरगद के पेड़ की सात परिक्रमा के दोरान बांधा जाता है। ऐसा कहा जाता है कि पहले बांस के पंखे से वट वृक्ष को हवा की जाती है और बाद में पति को भी इसी पंखे से हवा की जाती है।

ऐसा कहा जाता है कि इस पंखे से हवा करने से जीवन में शीतलता, प्रेम और वंशवृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। आपको बता दें कि बांस वंश वृद्धि का प्रतीक है और इसकी शीतलता पारिवारिक सुख-शांति का आधार मानी जाती है।

Tags: vat savitri
Previous Post

वट सावित्री व्रत आज, जानें पूजा विधि से लेकर पारण तक सबकुछ

Next Post

घर पर कर रही है वट सावित्री की पूजा, तो जानें सही विधि और नियम

Writer D

Writer D

Related Posts

chiku milkshake
खाना-खजाना

तेज गर्मी में सुकून देगी ये ड्रिंक, इसका स्वाद जीत लेगा सबका दिल

22/05/2026
Litchi Ice Cream
Main Slider

गर्मियों में ट्राई करना चाहते है आइसक्रीम का नया फ्लेवर, तो ये है परफेक्ट ऑप्शन

22/05/2026
Feng shui
धर्म

घर लेकर आए फेंगशुई से जुड़ी चीजें, सफलता चूमेगी कदम

22/05/2026
Ganga Dussehra
Main Slider

गंगा दशहरे पर करें जरूर करें ये खास उपाय, घर में बरसने लगेगा धन

22/05/2026
Half-Burnt Wick
Main Slider

दीपक जलाने के इन नियमों का रखें ध्यान, घर आएंगी मां लक्ष्मी

22/05/2026
Next Post
Vat Savitri Vrat

घर पर कर रही है वट सावित्री की पूजा, तो जानें सही विधि और नियम

यह भी पढ़ें

unmanned vehicle

DRDO ने किया मानव रहित यान अभ्यास का सफल परीक्षण

29/06/2022
murder

मामूली विवाद को लेकर फायरिंग, डेयरी संचालक समेत दो जख्मी, एक गिरफ्तार

22/03/2021
सिगरेट और शराब

पल भर में छुड़ा सकते हैं सिगरेट और शराब पीने की आदत, जानिए तरीका

30/09/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version