• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

जल संरक्षण का समर्थन

Writer D by Writer D
02/03/2021
in Main Slider, ख़ास खबर, राष्ट्रीय
0
Water conservation

Water conservation

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

सियाराम पांडे ‘शांत’ 

मन की बात तो सभी करते हैं लेकिन उसे सलीके से कर कितने लोग पाते हैं, यह विचार का विषय है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  आकाशवाणी पर जब अपने मन की बात शुरू की थी, तब  से अब तक वे 74 बार आकाशवाणी पर अपने मन की बात की चुके हैं।

इस कार्यक्रम का नाम भले ही मन की बात हो लेकिन सही मायने में यह आमजन के काम की बात होती हैं। देश के व्यापक हित की बात होती है। देशवासियों को प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए छोटे-छोटे सुझावों की बात होती है। कुछ कर गुजरने के जज्बे की बात होती है। इसके लिए प्रधानमंत्री बड़ी मेहनत करते हैं। देश भर के लोगों से उनके सुझाव आमंत्रित करते हैं। ऐसा करने से पूर्व वह विभिन्न खेत्रों में काम कर रहे लोगों का जिक्र कर उनकी हौसलाअफजाई भी करते हैं। सत्ता शीर्ष पर बैठे लोगों का यह धर्म होना चाहिए कि वह देशवासियों का इसी तरह मनोबल बढ़ाता रहे।

इसके विपरीत देश में कुछ ऐसे नेता भी है  जिन्हें संविधान और लोकतंत्र मुर्दा ही नजर आता है। ऐसे लोगों से यह देश उम्मीद करे भी तो किस तरह? लोकतंत्र नहीं है फिर भी लोग बोल रहे हैं। सरकार के खिलाफ फिकरे कस रहें हैं। उनके अनुसार देश में बोलने की आजादी नहीं है, इसके बाद भी वे इतना कुछ बोल पा रहे हैं। सत्ताशीर्ष पर बैठे व्यक्ति को लोगों को प्रोत्साहित भी करना चाहिए और उनकी यथासंभव मदद भी करनी चाहिए।

रेलवेकर्मी के खाते से जालसाजों ने उड़ाए पचास हजार रुपए, पड़ताल में जुटी साइबर सेल

ं ‘मन की बात’ कार्यक्रम में  प्रधानमंत्री देशवासियों के अच्छेे कार्यों की सराहना भी करते हैं और दूसरों से भी कुछ ऐसा करने, उससे भी अच्छा करने की  उम्मीद भी करते हैं। प्रधानमंत्री ने आत्मनिर्भर भारत योजना चला रखी है। इसमें उन्होंने लोगों से अपने बल पर खड़ा होने और लोगों  के सहयोग की वैशाखी छोड़ने का भी आग्रह किया है। उन्होंने कहा है कि आत्मनिर्भरता का मतलब है- भारत में बनी हर चीज के प्रति गर्व करना। प्रधानमंत्री जब भी मन की बात करते हैं, उसमें जनसुविधाओं के लिहाज से कोई न कोई अभियान जरूर छेड़ते हैं और अगर इस बीच कोई दिवस हो तो उस पर अभियान छेड़े जाने की संभावना तो और भी अधिक बलवती हो जाती है। इस बार उन्होंने देशवासियों से जल संरक्षण पर सौ दिन का अभियान चलाने का आग्रह किया है। उन्होंने जल को न केवल आस्था का प्रतीक बताया बल्कि उसे विकास की धारा भी करार  दिया है।

देशवासियों से जल संरक्षण की भी अपील की है। प्रधानमंत्री को पता है कि  सरकारी खर्च पर जलस्रोतों का संरक्षण संभव नहीं है लेकिन जन-जन अगर इसे  अपने हाथ में ले ले, जलसंरक्षण को आंदोलन और अभियान का रूप दे दिया जाए तो जलसंरक्षण का यह काम चुटकियों में हो सकता है।

31 मार्च तक पूरी हो सभी पेयजल एवं सीवरेज परियोजनाएं : आशुतोष टंडन

उनका मानना है कि दुनिया के हर समाज में नदी के साथ जुड़ी हुई कोई-न-कोई परम्परा होती ही है और नदी तट पर अनेक सभ्यताएं भी विकसित हुई हैं। यही नहीं, वेद-उपनिषद तक नदियों के किनारे लिखे गए। भारतीय संस्कृति और सभ्यता हजारों वर्ष पुरानी है इसलिए इसका विस्तार देश में और ज्यादा मिलता है।  भारत में कोई ऐसा दिन नहीं होगा जब देश के किसी-न-किसी कोने में पानी से जुड़ा कोई उत्सव न होता  हो। माघ के दिनों में तो लोग अपना घर-परिवार, सुख-सुविधा छोड़कर पूरे महीने नदियों के किनारे कल्पवास करते हैं। इस बार हरिद्वार में कुंभ भी हो रहा है।

पानी पारस से भी ज्यादा महत्वपूर्ण  है।  जिस प्रकार पारस के स्पर्श से लोहा, सोने में परिवर्तित हो जाता है वैसे ही पानी का स्पर्श जीवन और विकास के लिये जरुरी है।  जल संरक्षण के लिए, हमें, अभी से ही प्रयास शुरू कर देने चाहिए। 22 मार्च को विश्व जल दिवस है। बकौल प्रधानमं़त्री, जल संरक्षण  सरकार की नहीं ,सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे देश के नागरिकों को समझना होगा। जब तक ऐसा नहीं होगा, हम जल का सही इस्तेमाल नहीं सीख पाएंगे।

मोतियाबिंद की सर्जरी के बाद अमिताभ बच्चन ने लिखा ब्लॉग, फैंस से कही ये बात

जल शक्ति मंत्रालय द्वारा भी जल शक्ति अभियान- कैच द् रेन  भी शुरू किया जा रहा है। इस अभियान का मूल मन्त्र है पानी जब भी और जहां भी गिरे, उसे बचाएं।  उनका मानना है कि हम अभी से जुटेंगे और पहले से तैयार जल संचयन के तंत्र को दुरुस्त करवा लेंगे तथा गांवों में, तालाबों में, पोखरों की सफाई करवा लेंगे, जलस्त्रोतों तक जा रहे पानी के रास्ते की रुकावटें दूर कर लेंगे तो ज्यादा से ज्यादा वर्षा जल का संचयन कर पायेंगे। युवाओं को वे यह नसीहत देना भी नहीं भूले कि वे कोई भी काम क्यों न करे लेकिन ,खुद को पुराने तौर तरीकों में न बांधें। अपने जीवन को खुद ही तय  करें कि उन्हें क्या करना और क्या बनना है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल में दूसरी बार अपने मन की बात कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को गौरवान्वित किया है।  वह भी चिया सीड का जिक्र करके। चीन और अमेरिका में सुपर फूड मानी जानी वाली चिया सीड को रिटायर कर्नल हरिश्चंद्र ने बाराबंकी की धरती पर उगाया है। एक विदेशी फसल को बिना किसी सरकारी मदद के अपने संसाधनों के जरिये उगाए जाने को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटिस किया। फिर प्रधानमंत्री ने मन की बात कार्यक्रम में चिया सीड की खेती का जिक्र कर हरिश्चंद की मेहनत को सम्मान दिया। यह भी कहा कि यह खेती न सिर्फ हरिश्चंद की आय बढ़ाएगी, बल्कि आत्मनिर्भर भारत में अपना योगदान भी देगी। इससे पहले 31 जनवरी के कार्यक्रम में उन्होंने  झांसी में स्ट्रॉबेरी उगाने वाली लॉ की छात्रा गुरलीन चावला का जिक्र किया था। प्रधानमंत्री  अगर टोकना  जानते हैं तो  लोगों की सराहना करना भी नहीं भूलते। अपनी इसी खासियत की वजह से वे लोगों के दिलों पर राज करते हैं।

 

Tags: catch the rainNational newspm modiwater conservation
Previous Post

प्रदेश में कानून स्थापित करने में भाजपा सरकार फेल रही : अखिलेश

Next Post

भाजपा सांसद नंदकुमार सिंह चौहान का निधन, मेदांता में ली अंतिम सांस

Writer D

Writer D

Related Posts

Anand Bardhan
उत्तराखंड

उत्तराखंड में भूजल रिचार्ज पर बनेगी नई नीति, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

09/07/2026
Huge fire breaks out at shoe factory in China
Main Slider

चीन की जूता फैक्टरी में भीषण आग, 28 लोगों की मौत

09/07/2026
CM Dhami's big assurance regarding Ranibagh-Bhimtal ropeway
उत्तराखंड

रानीबाग-भीमताल रोपवे को लेकर सीएम धामी का बड़ा आश्वासन

09/07/2026
CM Dhami placed major proposals before the Railway Minister
उत्तराखंड

उत्तराखंड को रेल कनेक्टिविटी की सौगात! सीएम धामी ने रेल मंत्री के सामने रखे बड़े प्रस्ताव

09/07/2026
CM Dhami
उत्तराखंड

सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो : मुख्यमंत्री

09/07/2026
Next Post
nandkumar

भाजपा सांसद नंदकुमार सिंह चौहान का निधन, मेदांता में ली अंतिम सांस

यह भी पढ़ें

वनडे सीरीज गंवाने के बाद कैसे की भारत ने वापसी

09/12/2020
CM Yogi

जो 70 वर्ष में नहीं हो पाया, वह आजादी के अमृत महोत्सव में पूरा हो गया: सीएम योगी

15/11/2023
विस्फोट

तेलंगाना : सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के पास विस्फोट, एक घायल, जांच जारी

25/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version