• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

ज्येष्ठ पूर्णिमा कब है, यहां जानें पूजा विधि

Writer D by Writer D
31/05/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Purnima

Purnima

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हर माह की पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु को समर्पित हैं। यह तिथि भगवान विष्णु का प्रसन्न करने के लिए शुभ मानी जाती है। वहीं जेष्ठ माह की पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) तिथि को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। कहते कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान पुण्य करने से जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। इसी दिन वट सावित्री पूर्णिमा का व्रत भी किया जाता है, इसलिए जेष्ठ पूर्णिमा के दिन वट वृक्ष की पूजा का महत्व और भी अधिक हो जाती है।

ज्येष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 10 जून को सुबह 11 बजकर 35 मिनट पर होगी। वहीं तिथि का समापन 11 जून को दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर होगा। ऐसे में ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा तिथि का व्रत 11 जून को करना उचित माना जा रहा है।

जेष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) चंद्रोदय का समय

पूर्णिमा के दिन चंद्रमा को अर्घ्य देना बहुत ही शुभ फलदायी माना जाता है। जेष्ठ पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय का समय शाम 7 बजकर 41 मिनट पर होगा। इस समय व्रती चंद्रमा को अर्घ्य तथा पूजन कर सकते हैं।

ज्येष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) पूजा विधि

ज्येष्ठ पूर्णिमा (Jyeshtha Purnima) के दिन पूजा करने के लिए सुबह स्नान कर साफ-सुथरे वस्त्र धारण कर लें और व्रत का संकल्प लें। फिर पूजा स्थल की साफ-सफाई कर लें। उसके बाद चौकी लाल रंग के कपड़ा बिछाए। चौकी पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।

उसके बाद घी का दीपक जलाएं और गंध, पुष्प, फल, फूल, मिठाई और वस्त्र के साथ माता लक्ष्मी को श्रृंगार की चीजें अर्पित करें। इसके बाद मंत्र जाप और व्रत कथा का पाठ करें।

अंत में आरती कर पूजा संपन्न करें और प्रसाद वितरित करें। इसके साथ ही चंद्रोदय होते ही चंद्रमा को अर्घ्य दें।

Tags: Jyeshtha Purnima
Previous Post

गंगा दशहरा पर बन रहा दुर्लभ संयोग, इस शुभ मुहूर्त में करें स्नान-दान

Next Post

इस दिन से सभी मांगलिक कार्यों पर लग जाएगी रोक

Writer D

Writer D

Related Posts

Ceiling Fan
फैशन/शैली

चुटकियों में साफ हो जाएगी सीलिंग फैन पर जमा गंदगी, बहुत काम का है ये हैक्स

27/09/2026
Lipstick
फैशन/शैली

लिपस्टिक लगाते समय न करें ये गलतियां

27/09/2026
Hair Wash
Main Slider

इस दिन नहीं धोने चाहिए बाल, घर में आती है दरिद्रता

27/09/2026
Dark chocolate milkshake
फैशन/शैली

बच्चों के लिए बनाएं डार्क चॉकलेट मिल्क शेक, खुशी से उछल जाएंगे

27/09/2026
men fashion
फैशन/शैली

पुरुषों के बैग में ये चीजे होनी ही चाहिए

27/09/2026
Next Post
Chaturmas

इस दिन से सभी मांगलिक कार्यों पर लग जाएगी रोक

यह भी पढ़ें

CM Dhami

जिलाधिकारी और एसएसपी आपदा राहत बचाव कार्यों में लीड लेकर फील्ड में उतरें : मुख्यमंत्री धामी

12/07/2023
BB 14: weekend ka war

BB14: ‘वीकेंड का वॉर’ में रुबीना, अभिनव और राखी पर फूटा सलमान का गुस्सा

31/01/2021
Nine judges took oath

सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में पहली बार नौ जजों ने ली एक साथ शपथ

31/08/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version