• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब है सर्वपितृ अमावस्या? जानें श्राद्ध का शुभ समय

Writer D by Writer D
18/09/2025
in धर्म, फैशन/शैली
0
Sarva pitru Amavasya

Sarva pitru Amavasya

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

हिंदू धर्म में पितृपक्ष (Pitru Paksha) में पड़ने वाली सर्वपितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya) को बेहद खास माना जाता है। यह हर साल आश्विन माह की अमावस्या तिथि को सर्वपितृ अमावस्या पड़ती है। साल 2025 में यह अमावस्या तिथि 21 सितंबर, रविवार के दिन पड़ रही है। सर्वपितृ अमावस्या श्राद्ध का अंतिम दिन होता है। इस दिन पितरों को विदाई दी जाती है, इसलिए इसे पितृ विसर्जन के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पितरों को याद करना और उनके नाम से दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

सर्वपितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya) तिथि की शुरुआत 21 सितंबर की रात 12 बजकर 16 मिनट से होगी और इसका समापन 21 सितंबर की रात 1 बजकर 23 मिनट पर होगा। इस अवधि में आप पितरों का श्राद्ध और पिंडदान कर सकते हैं। यह समय पितरों की स्मृति में किए जाने वाले श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान के लिए बेहद शुभ माना गया है।

श्राद्ध करने का शुभ समय

कुतुप मुहूर्त सुबह 11:50 से दोपहर 12:38 तक (अवधि: 49 मिनट)
रौहिण मुहूर्त दोपहर 12:38 से 01:27 तक (अवधि: 49 मिनट)
अपराह्न काल दोपहर 01:27 से 03:53 तक (अवधि: 2 घंटे 26 मिनट)

महत्व

सर्वपितृ अमावस्या (Sarva Pitru Amavasya) के दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु तिथि याद नहीं होती। इस दिन सभी भूले-बिसरे पितरों को याद कर तर्पण किया जाता है। परंपरा के अनुसार इस दिन भोजन बनाकर उसे कौवे, गाय और कुत्ते को अर्पित किया जाता है।

अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित होती है। इस दिन पितरों के नाम पर दान, उनका पिंडदान करना फलदायी होता है। इस दिन श्राद्ध कर्म करने से पितरों को लगता है। इस दिन किसी पंडित की मदद से श्राद्ध कर्म करें और ब्राह्मण को भोजन कराएं।इस दिन पितरों के लिए शुद्ध और सात्विक भोजन बनाएं।इस दिन पितरों का तर्पण और पिंडदान जरूर करें। मान्यता है विदाई के दिन पितृ अपने परिवार वालों को आशीर्वाद देते हैं।

Tags: sarva pitru amavasya
Previous Post

इसके बिना अधूरी मानी जाती है भगवान विष्णु की पूजा, नहीं मिलता पूर्ण फल

Next Post

नवरात्रि में इस दिशा में स्थापित करें कलश और मूर्ति, मां दुर्गा होंगी प्रसन्न

Writer D

Writer D

Related Posts

Makhan-Misri Bhog
Main Slider

जन्माष्टमी पर कान्हा को लगाएं माखन-मिश्री का भोग, घी से ऐसे करें झटपट तैयार

04/09/2026
Janmashtami
Main Slider

जन्माष्टमी: भगवान श्रीकृष्ण को लगाएं राशिनुसार भोग

04/09/2026
Janmashtami
Main Slider

जन्माष्टमी पर ऐसे करें बाल-गोपाल की पूजा, पूरी होगी संतान प्राप्ति की मनोकामना

04/09/2026
Makhane Kheer
फैशन/शैली

जन्माष्टमी के व्रत बनाएं मखाने की खीर

04/09/2026
Glowing Skin
फैशन/शैली

ग्लोइंग स्किन के लिए चेहरे पर लगाएं फेसपैक

04/09/2026
Next Post
Sharadiya Navratri

नवरात्रि में इस दिशा में स्थापित करें कलश और मूर्ति, मां दुर्गा होंगी प्रसन्न

यह भी पढ़ें

Pracheen Chauhan

‘कसौटी जिंदगी की’ के सुब्रतो बसु को पुलिस ने लिया गिरफ्तार, लगा ये आरोप

03/07/2021
भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का निधन BJP MLA Surendra Singh Jeena

उत्तराखंड: कोरोना पॉजिटिव भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह जीना का निधन, पार्टी में शोक की लहर

12/11/2020

उप्र आज ‘‘ईज ऑफ डुइंग बिजनेस’’ रैकिंग में दूसरे स्थान पर : मुख्य सचिव

14/11/2021
Facebook Twitter Youtube

© 2017 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • पंजाब
    • हरियाणा
    • छत्तीसगढ़
    • राजस्थान
    • हिमाचल प्रदेश
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2017 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version