• About us
  • Privacy Policy
  • Disclaimer
  • Terms & Conditions
  • Child Safety Policy
  • Contact
24 Ghante Latest Hindi News
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म
No Result
View All Result

कब रखा जाएगा जितिया का व्रत, जानें पूजा विधि और महत्व

Writer D by Writer D
12/09/2024
in धर्म, फैशन/शैली
0
Jitiya Vrat

Jivitputrika vrat

14
SHARES
176
VIEWS
Share on FacebookShare on TwitterShare on Whatsapp

जितिया का व्रत (Jitiya Vrat) हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. जितिया व्रत को जीवित्पुत्रिका व्रत और जिउतिया व्रत के नाम से भी जाना जाता है. व्रत मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में ही रखा जाता है.माताएं अपनी संतान के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और भगवान जीमूतवाहन की विधि विधान से पूजा करती हैं. मान्यता है कि जो भी माताएं इस दिन पूरे विधि विधान से व्रत और पूजा करती है. उनकी संतान को लंबी उम्र का आशीर्वाद मिलता है. इसके अलावा निसंतान माताओं को जल्द ही संतान प्राप्ति होती है.

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) तिथि मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, जितिया का व्रत (Jitiya Vrat) हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इस साल अष्टमी तिथि की शुरुआत मंगलवार 24 सितम्बर 2024 को 12 बजकर 38 मिनट पर शुरू होगी और अष्टमी तिथि समापन बुधवार 25 सितंबर 2024 दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर होगा. उदया तिथि के आधार पर जितिया या जीवित्पुत्रिका व्रत 25 सितंबर बुधवार को रखा जाएगा. 25 सितंबर 2024 को जितिया व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 10 बजकर 41 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 12 मिनट तक है और सोमवार 24 सितंबर 2024 को जितिया व्रत के नहाय-खाय की पूजा होगी.

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) पूजा विधि

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) के दिन सुबह उठकर स्नान आदि कार्य करने के बाद सूर्य देव की पूजा करें. इसके बाद घर के मंदिर में एक चौकी रखें. उस पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं उसके बाद कपड़े के ऊपर थाली रखें. थाली में सूर्य नारायण की मूर्ति को स्थापित करें और उन्हें दूध से स्नान कराएं. भगवान को दीपक और धूप अर्पित करें. उसके बाद भोग लगाकर आरती करें. इसके बाद मिट्टी या गाय के गोबर से सियार व चील की मूर्ति बनाएं. कुशा से बनी जीमूतवाहन की प्रतिमा की पूजा करें. उन्हें धूप-दीप, फूल और चावल अर्पित करें. जितिया व्रत की कथा सुनें.

जितिया व्रत (Jitiya Vrat) का महत्व

हिंदू धर्म में जितिया व्रत (Jitiya Vrat) बहुत ही लाभकारी और महत्वपूर्ण माना जाता है. इस व्रत को महिलाओं अपनी संतान की लंबी उम्र और उसकी मंगल कामना के लिए करती है. माना जाता है कि इस व्रत को करने से सभी साधक को प्रकार के कष्टों से मुक्ति मिल सकती है. इस दिन व्रत करने के साथ जो माताएं पूजा के दौरान व्रत कथा पढ़ती और सुनती हैं उन्हें कभी भी संतान वियोग नहीं सहना पड़ता हैं.

Tags: jitiya vratJitiya Vrat 2024jitiya vrat importanceJitiya Vrat puja
Previous Post

कब मनाई जाएगी वामन जयंती, जानें क्यों भगवान विष्णु को लेना पड़ा था ये अवतार

Next Post

परिवर्तिनी एकादशी पर करें इन चीजों का दान, घर में नहीं होगी धन-धान्य की कमी

Writer D

Writer D

Related Posts

Dark Underarms
फैशन/शैली

डार्क अंडर आर्म्स पर करें इस चीज का इस्तेमाल

03/02/2026
glowing skin
फैशन/शैली

चेहरे से डेड स्किन हो जाएगी गायब, लगाएं फेसपैक

03/02/2026
lips
फैशन/शैली

दादी मां के नुस्खों से काले होंठों को बनाएं गुलाबी

03/02/2026
curd bhindi
खाना-खजाना

इस डिश से खाने में लाएं ट्विस्ट, फेस्टिव सीजन पर है यह बेहतरीन ऑप्शन

03/02/2026
Zodiac
फैशन/शैली

रिलेशनशिप में जरूरत से ज्यादा पजेसिव होते हैं इस राशि के लोग

03/02/2026
Next Post
Mokshada Ekadashi

परिवर्तिनी एकादशी पर करें इन चीजों का दान, घर में नहीं होगी धन-धान्य की कमी

यह भी पढ़ें

Ice

बर्फ के ये फायदे जानकर चौंक जाएंगे आप

29/06/2025
Murder

किशोर की लाठियों से पीट-पीटकर हत्या

30/05/2022
delhi capitals

लेग स्पिनर प्रवीण दुबे होंगे अमित मिश्रा का रिप्लेसमेंट : दिल्ली कैपिटल्स

19/10/2020
Facebook Twitter Youtube

© 2022 24घंटेऑनलाइन

  • होम
  • राष्ट्रीय
    • उत्तराखंड
    • उत्तर प्रदेश
    • छत्तीसगढ़
    • हरियाणा
    • राजस्थान
  • राजनीति
  • अंतर्राष्ट्रीय
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • शिक्षा
  • स्वास्थ्य
  • धर्म

© 2022 24घंटेऑनलाइन

Go to mobile version