चारों ओर घना कोहरा (Fog) छाया हुआ है जिस वजह से विजिबिलिटी काफी कम है, Fog में कार ड्राइव करना काफी मुश्किल हो जाता है. इस मुश्किल को कम करने के बजाय हम लोग ड्राइव करते समय जाने-अनजाने एक ऐसी गलती करते हैं जिस वजह से परेशानी और भी ज्यादा बढ़ सकती है. अब आप पूछेंगे कि वो क्या…? क्या आपको पता है कि कोहरे में गाड़ी ड्राइव करते वक्त हेडलाइट्स को Low Beam या फिर High Beam, किस पर रखना चाहिए?
बहुत से लोगों को इस सवाल का सही जवाब पता होगा, लेकिन अब भी बहुत से लोग होंगे जिन्हें इस सवाल का सही जवाब नहीं पता है. घने कोहरे के कारण हर साल कई एक्सीडेंट होते हैं जिसमें बहुत से लोगों को जान तक गंवानी पड़ जाती है, ऐसे में ड्राइव से पहले सही जानकारी होना जरूरी है.
Low Beam vs High Beam: ड्राइव से पहले जान लें
अक्सर हम लोग कोहरे (Fog) में ड्राइव करते वक्त गाड़ी को हाई बीम (High Beam) पर चलाते हैं, लेकिन ऐसा करना सही नहीं है. हाई बीम पर हेडलाइट चलाने का सबसे बड़ा नुकसान ये है कि इसकी तेज रोशनी कोहरे में पानी की बूंदों या फिर कह लीजिए नमी से टकराकर रिफ्लेक्ट बैक आती है, जिससे चकाचौंध की स्थिति होती है.
वहीं, दूसरी लो बीम (Low Beam) लाइट नीचे की ओर डायरेक्ट करती है ताकि वह कोहरे के नीचे से जा सके, जिससे सड़क की सतह का आपका व्यू बेहतर मिले. हाई बीम लाइट रोशनी को हर जगह फैला देती है जिससे कोहरा और घना लगता है और आपकी कार के सामने एक चमकदार सफेद दीवार बन जाती है. कोहरे में ड्राइव करते वक्त बेहतर व्यू के लिए हाई के बजाय लो बीम का इस्तेमाल करें.
हादसे से बचने के लिए याद रखें ये बातें
स्पीड: कोहरे में 25-30 की स्पीड पर ही ड्राइव करें जिससे कि अगर अचानक कोई आगे आ जाए तो आप तुरंत ब्रेक लगा पाएं.
फॉग लाइट: कोहरे में ड्राइव करते वक्त फॉग लाइट भी विजिबिलिटी को बढ़ाने और बेहतर व्यू देने में आपकी मदद कर सकती है.
डीफॉगर: कोहरे की वजह से कार के पिछले शीशे पर मिस्ट की वजह से रियर व्यू नजर नहीं आता. शीशे को क्लियर करने के लिए डीफॉगर का इस्तेमाल करें जिससे रियर ग्लास क्लियर रहे.









