जानिये पहाड़ों के पीछे मंदिर बनाने का अद्भुत रहस्य, पढ़ें और जाने सच्चाई

- in धर्म
वैष्णो देवी

नई दिल्ली। हमारे देश भारत को धार्मिक व दर्शनीय स्थलों के लिए जाना जाता है। यहां के स्थानों को लोग दूर-दूर से देखने आते हैं। इसी तरह आपने भी कई प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन किए होंगे लेकिन क्या आप जानते हैं की अधिकतर प्रसिद्द मंदिर पहाड़ों पर ही क्यों होते हैं और वहां की धार्मिक मान्यता ज्यादा क्यों होती है? ऐसे स्थानों पर ऐसी क्या शक्ति होती है कि भक्त वहां खिंचे चले जाते हैं। ये भी पढ़ें:- इस नवरात्र में करें इस महामंत्र का जाप, बनेगे सालों पुराने बिगड़े काम 

जैसे कि वैष्णोदेवी, मैहर देवी, बमलेश्वरी देवी, सत्पश्रृंगी देवी, चामुंडा टेकरी, विंध्यवासिनी समेत अनेक ऐसे मंदिर हैं। जो पहाड़ों पर बने हुए हैं। इसके साथ ही बद्रीनाथ, केदारनाथ, अमरनाथ आदि मंदिर भी एकांत पहाड़ी में बनाए गए हैं।
पहाड़ों पर मंदिर बनाने के पीछे का वैज्ञानिक रहस्य रहा है।

ये भी पढ़ें:- नवरात्रि के तीसरे दिन ऐसे करे मां कूष्मांडा की उपासना 

दरअसल, पहाड़ी एक प्रकार से पिरामिड की तरह होती है। विज्ञान इस बात की पुष्टि भी कर चुका है कि पिरामिड में सराकात्मक ऊर्जा अधिक होती है। वहीं, पहाड़ों स्थानों पर भी सकारात्मक ऊर्जा अन्य स्थानों से अधिक पाई जाती है।ये भी पढ़ें:- 12 साल बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे गुरु, जानिए आपकी राशि पर क्या पड़ेगा असर 

पहाड़ों पर दर्शन के लिए आने वाले भक्तजनों को उस सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव महसूस होता है और उनका मन अध्यात्म में लगता है। इसके अलावा साधना के लिए मन एकाग्र होना चाहिए। लिहाजा, पहाड़ी जगहों पर मंदिरों के निर्माण की यह भी एक वजह है।

loading...
Loading...

You may also like

दिन के ये 90 मिनट होते हैं अशुभ, भूलकर भी न करें शुभ काम

शास्त्रों में किसी भी शुभ काम की शुरुआत